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पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर दीपक, 12 सालों से निभा रहे भगवान राम का किरदार 

Published: Wed, 14 Oct 2026 03:49 PM (IST)

दीपक मिश्रा पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर और शिक्षक हैं। पिछले 12 सालों से रामलीला में भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं।

12 साल से भगवान राम का किरदार निभा रहे दीपक ( फोटो स्रोत : जागरण )

12 साल से भगवान राम का किरदार निभा रहे दीपक ( फोटो स्रोत : जागरण )

HighLights

  1. सॉफ्टवेयर इंजीनियर दीपक 12 साल से निभा रहे राम का किरदार।

  2. बचपन का सपना पूरा करने को निकालते हैं व्यस्तता से समय।

  3. रामलीला से शांति, समानता और प्रेम का संदेश देते हैं।

गौरी शर्मा, दक्षिणी दिल्ली। कभी गली चौराहे पर खड़े होकर रामलीला देखने वाला एक छोटा बच्चा भीड़ के बीच राम के किरदार को निहारता था।

मन में छोटी सी इच्छा थी कि “काश! मै भी भगवान राम बनकर मंच पर उतर सकूं”। आज वहीं बच्चा वक्त बीतने के साथ ही पिछले 12 सालों से भगवान श्री राम के किरदार का मंचन कर रहा है।

पढ़ाई के दौरान ही शुरू किया था मंचन 

यह कहानी दीपक मिश्रा की है, जिनके लिए राम बनना केवल मंच पर अभिनय करना नहीं, बल्कि उस आदर्श को समझना भी है, जिसे लोग मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में जानते हैं।

दीपक बताते हैं कि वह जब पहली दूसरी कक्षा में थे, तब वह अपने परिवार के साथ रामलीला देखने जाते थे। उस दौरान वह सोचते थे कि एक दिन भगवान राम का किरदार वह भी करेंगे। इसी के चलते पढ़ाई के साथ रामलीला मंचन का सफर शुरू हुआ।

हालांकि, पढ़ाई के कारण कुछ समय के लिए रामलीला में भाग लेना बंद कर दिया था। लेकिन, मन नहीं माना और दोबारा वापस मंचन में भाग लिया।

2015 से ले रहे रामलीला में हिस्सा 

वर्ष 2015 से रामलीला में भगवान श्री राम की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रामलीला के अलावा भी अब जब वह घर से बाहर निकलते है, तो कई दोस्त, परिवार के सदस्य राम के नाम से पुकारते है।

दीपक पेशे से साफ्टवेयर इंजीनियर हैं और एक संस्थान में पढ़ाते भी हैं। काम की व्यस्तता के बीच रामलीला के लिए रात और वीकेंड में समय निकालते हैं। वह बताते हैं कि पहली बार राम बनने का अवसर मिला तो मन में सवाल था कि क्या वह इतने बड़े किरदार के साथ न्याय कर पाएंगे।

मानवता सबसे बड़ी सीख

गुरुजी ने तैयारी में मदद की और रामानंद सागर की रामायण देखकर उन्होंने भगवान राम के हाव-भाव और संवादों को समझा। हर बार करीब दो महीने पहले रिहर्सल शुरू करते हैं।

दीपक के लिए राम के किरदार की सबसे बड़ी सीख शांति और समानता है। वह कहते हैं कि भगवान राम ने शबरी के बेर खाकर और निषादराज को गले लगाकर बताया कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। युवाओं को भी यही संदेश देना चाहते हैं कि धर्म का अर्थ बांटना नहीं, बल्कि प्रेम से सबको जोड़ना है।

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