जागरण संवाददाता,नई दिल्ली : गर्भवती महिलाओं को अगर सरकार द्वारा शुरू की गई योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है तो अब उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। महज एक मिस्ड कॉल के जरिये टीकाकरण, राशन न मिलने, छात्रों को सही पोषण न मिलने समेत इस तरह की अन्य कई समस्याओं का निवारण हो जाएगा। दरअसल, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने 'स्वास्थ्य एवं पोषण साथी' हेल्पलाइन की शुरुआत की है। जिसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित कराना है कि छह वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को पोषणयुक्त आहार मिले, नियमित टीकाकरण हो, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत सभी गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के खाते में सीधे पांच हजार रुपये पहुंचें।

दिल्ली सचिवालय में हेल्पलाइन का शुभारंभ करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि अगर वास्तविक लाभार्थियों तक योजनाएं पहुंचने में सफल हो जाएं तो समाज की असंख्य महिलाओं और बच्चों के जीवन को हमेशा के लिए रोगमुक्त करके स्वस्थ बनाया जा सकता है। उन्होंने दिल्ली में महिलाओं और बच्चों में व्याप्त कुपोषण को घटाने और वर्ष 2022 तक कुपोषण की मौजूदा दर को आधे से भी कम करने के लक्ष्य को तय करने की बात कही।

डीसीपीसीआर के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने शिक्षा प्रणाली में स्कूल स्तर पर आने वाली समस्याओं पर अफसोस जताते हुए कहा कि बच्चों के सीखने-समझने की धीमी गति और बीच में पढ़ाई छोड़ने का असली कारण बच्चों का आरंभिक वर्षों में मस्तिष्क का विकास न होना और पोषणकारी आहार न मिल पाना है।

हेल्पलाइन के उद्घाटन के बाद 'शिशु जीवन के पहले दो हजार दिन' विषय पर एक परिचर्चा भी हुई। जिसमें आंगनवाड़ी के लिए एक सशक्त निगरानी तंत्र विकसित करने और पंजीकृत लाभार्थियों के साथ प्रभावी रूप से संबंध स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई। इस परिचर्चा में दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक रश्मि सिंह, परिवार कल्याण विभाग की निदेशक मोनिका राणा, त्रिलोकपुरी की आंगनवाड़ी कार्यक‌र्त्री सुनीता कंबोज और इंडस एक्शन के संस्थापक तरुण चेरुकुरी ने भाग लिया।

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दो दिन के भीतर हल होगी समस्या

- हेल्पलाइन 011-41193903 पर पर शिकायत के लिए एक मिस्ड कॉल देनी होगी। इसके बाद सलाहकार फोन करने वाले के नंबर पर दोबारा फोन करके उसके और घर के विवरण को सत्यापित करने के उपरांत समस्या के समाधान के विषय में जानकारी देगा। मिस्ड कॉल करने के दो दिन के भीतर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम फोन करने वाले व्यक्ति से संपर्क करके उसकी समस्या सलुझाएगी।

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