'नशे के विरुद्ध युद्ध' में दैनिक जागरण बना सारथी, युवाओं को जागरूक बनाने की पहल
नशा मुक्ति के लिए दैनिक जागरण ने 'नशे के विरुद्ध युद्ध' अभियान शुरू किया है, जो युवाओं को नशे से ...और पढ़ें

दैनिक जागरण ने नशे के विरुद्ध युद्ध में कदम बढ़ाया है।
HighLights
दैनिक जागरण ने 'नशे के विरुद्ध युद्ध' अभियान शुरू किया।
अभियान 'स्वतंत्रता के सारथी' श्रृंखला के तहत चलेगा।
युवाओं को नशा मुक्त कर विकसित भारत का लक्ष्य।
धर्मेंद्र सिंह, नई दिल्ली। नशा किसी एक व्यक्ति को नहीं निगलता, वह पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लेता है। किसी घर का होनहार बेटा नशे की गिरफ्त में आता है तो पढ़ाई छूटती है, रोजगार जाता है, रिश्ते बिखरते हैं और उम्मीदें धीरे-धीरे दम तोड़ देती हैं।
कई परिवार अपनों को बचाने में अपनी जमा-पूंजी तक गंवा देते हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह बुराई अब नई पीढ़ी के भविष्य को निशाना बना रही है। ऐसे में समाज में बदलाव के लिए ‘नशे के विरुद्ध युद्ध’ जरूरी है।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘नशामुक्त युवा और विकसित भारत’ के संकल्प के साथ इस दिशा में व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया है। दैनिक जागरण ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाया है।
इसी कड़ी में इस बार स्वतंत्रता दिवस पर प्रकाशित होने वाली सीरीज ‘स्वतंत्रता के सारथी’ को ऐसे लोगों को समर्पित किया गया है, जो खुद नशे के दलदल से बाहर निकले हैं और अपने जैसे पीड़ित लोगों के लिए सहारा-सारथी बने हुए हैं।
नशे की गंभीर समस्या को समझने के लिए किसी आंकड़े की जरूरत नहीं है। हर तरफ नशे की चपेट में आए लोग और उनके परिवारों की पीड़ा दिखाई दे जाएगी। इसकी सबसे बड़ी चोट युवाओं पर पड़ रही है। देश के इस भविष्य को बचाने के लिए दैनिक जागरण ने ‘नशे के विरुद्ध युद्ध’ का बिगुल बजाया है। नौ अगस्त को शृंखला की शुरुआत ‘रविवार विशेष’ से हो रही है।
यह है शृंखला का उद्देश्य
उम्मीद है कि इस पहल से जुड़कर लोग, संस्थाएं, विद्यालय व युवा नशे के खिलाफ प्रयास आगे बढ़ाएंगे। किसी का संघर्ष किसी पाठक को इस लड़ाई का हिस्सा बनने की प्रेरणा दे-यही इस शृंखला का उद्देश्य है।
आप भी लीजिए संकल्प
इस समाचारीय अभियान के बाद अलग-अलग संस्थानों, विद्यालयों व कार्यालयों में लोग इस बुराई से दूरी बनाने का 15 अगस्त को संकल्प लेंगे। इसके लिए संकल्प पत्र भी भरेंगे। इस बार आप भी संकल्प लीजिए।
तिथिवार ऐसे होगी कवरेज
- 10 अगस्त को उपचार के जरिये लोगों को नशे से बाहर निकाल रहे चिकित्सकों और विशेषज्ञों की कहानी होगी।
- 11 अगस्त को नशे के कारोबार के खिलाफ लड़ रहे अधिकारियों के संघर्ष और कार्रवाई को सामने लाया जाएगा।
- 12 अगस्त को सामान्य जीवन की ओर लौट रहे लोगों और उन्हें राह दिखा रहे पुनर्वास केंद्रों की कहानी होगी।
- 13 अगस्त को विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक समूहों के प्रयास सामने लाए जाएंगे।
- 14 अगस्त को सामूहिक प्रयास से बदलाव की मिसाल बने गांव की कहानी।
- 15 अगस्त को ऐसे लोगों की कहानी होगी जिन्होंने नशे की गिरफ्त से निकलकर नई जिंदगी शुरू की।
