जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश की अमरोहा थाना पुलिस के साथ मिलकर बुधवार तड़के कुख्यात अनवर उर्फ हटेला को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली व पश्चिमी उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए वह मोस्टवांटेड की श्रेणी में था। वह उत्तर-पूर्वी जिले के कुख्यात इरफान उर्फ छेनू पहलवान गिरोह का शार्प शूटर है। उस पर दिल्ली पुलिस की तरफ से एक लाख व उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से 25 हजार रुपये का इनाम था। मुठभेड़ के दौरान सेंट्रो कार में मौजूद उसकी पत्नी रूबीना के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान कार में मौजूद उसका एक साथी भागने में सफल हो गया।

डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुमार कुशवाहा के मुताबिक अनवर (30) बसावनगंज, अमरोहा का रहने वाला है। छह भाइयों में चार कुख्यात अपराधी हैं। अनवर शादीशुदा है और एक बच्चा भी है। उसने 14 साल पहले अपराध की दुनिया में कदम रखा था। दिल्ली व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसके खिलाफ 11 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। स्पेशल सेल ने सेंट्रो कार, 75 हजार रुपये, प्वाइंट 30 एमएम की एक कार्बाइन, 20 कारतूस, 7.65 एमएम की पिस्टल व 6 कारतूस जब्त कर लिया है।

अनवर को दबोचने की जिम्मेदारी सेल के इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम को सौंपी गई थी। शिव कुमार के नेतृत्व में एएसआइ राजेश की टीम करीब दो महीने से अनवर को ढूंढने में लगी थी। सेल उसके दिल्ली व उप्र के ठिकानों के बारे में पता लगा रही थी। शिव कुमार खुद कई दिनों से अमरोहा में डेरा जमाए हुए थे। 13 मार्च को सूचना मिली कि अनवर एक साथी व पत्नी के साथ सफेद रंग की सेंट्रो कार से दिल्ली की तरफ आ रहा है। सेल की टीम ने बुधवार तड़के 4 बजे अमरोहा, राजेंद्र नगर पुलिस टीम के साथ टीपी नगर में नानक बाड़ी के पास बैरिकेड लगा कार को रोकने का इशारा किया। अनवर कार चला रहा था। उसने रोकने के बजाय और तेज कर दी। पुलिस टीम ने पीछा शुरू कर दिया और वायरलेस से मैसेज भी देना शुरू कर दिया। चार किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस टीम ने उसे समर्पण करने को कहा तो उसने गोलियां चलानी शुरू कर दी। जवाब में पुलिसकर्मियों ने भी फाय¨रग शुरू कर दी। तीन गोली अनवर के दोनों पैरों में लगी। वहीं अनवर की एक गोली इंस्पेक्टर शिव कुमार व एक गोली इंस्पेक्टर धर्मेद्र के बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। धर्मेद्र के हाथ में भी एक गोली लगने से वह घायल हो गए। बदमाश को उपचार के लिए पहले अमरोहा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया फिर वहां से मेरठ के जनरल अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

By Jagran