जागरण संवाददता, नई दिल्ली: नंदनगरी में झगड़े के बाद गोली मार एक व्यक्ति की हत्या किए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने करण गोयल और मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ठिकाने लगाने के लिए शव को बोरी में भरकर नाले में फेंक दिया था। छह हफ्ते बाद पुलिस ने शव को बरामद किया। आरोपियों के पास से एक कट्टंा और कारतूस सहित शव को ठिकाने लगाने में प्रयुक्त बाइक बरामद कर ली गई है।

अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने बताया कि 10 फरवरी को नंदनगरी के दिलशाद गार्डन इलाके के नाले से बोरी में भरा 35 वर्षीय एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। उसकी हत्या करीब छह हफ्ते पहले की गई थी और शव क्षतविक्षत हालत में था। इस संबंध में नंदनगरी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में उसकी पहचान नंदनगरी निवासी अजय ऊर्फ अज्जू के रूप में हुई। इस संबंध में अजय के परिजनों ने तीन जनवरी को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शव की पहचान होने पर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए मौके से बरामद सुबूत सहित स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटानी शुरू की। उधर, अपराध शाखा भी मामले की तफ्तीश कर रही थी। इसी बीच पुलिस को जानकारी मिली कि अजय की हत्या में दो लोग शामिल हैं आौर वह गंगा सिनेमा के समीप आने वाले हैं। सूचना मिलते ही एसीपी जसवीर सिंह और इंस्पेक्टर सुनील कुमार की टीम ने 13 फरवरी को बुलेट मोटरसाइकिल से आए करण गोयल और मोहम्मद इमरान को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से हथियार भी बरामद हुए।

पूछताछ में पता चला कि करण और उसके पिता रविंद्र गोयल नंदनगरी में शराब की दुकान चलाते हैं। करण शराब पीने और जुआ खेलने का आदी है। इसी दौरान उसकी मुलाकात तीन महीने पहले अजय से हुई थी। अजय की भी आपराधिक पृष्ठभूमि थी। एक जनवरी की रात किसी बात को लेकर अजय की रविंद्र गोयल सहित आरोपियों के बीच झगड़ा हो गया था। इसके बाद करण ने दो गोली मारकर अजय की हत्या कर दी थी। बाद में शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से आरोपियों ने बोरी में भरकर उसे नाले में फेंक दिया था। यही नहीं वे लगातार शव पर नजर भी रखे हुए थे।

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