जासं, नई दिल्ली : इराक के मोसुल में इस्लामिक स्टेट (आइएस) के आतंकियों द्वारा मौत के घाट उतारे गए 39 भारतीयों की मौत के लिए भारत सरकार को जिम्मेदार बताते हुए जांच की मांग करने की याचिका पर सुनवाई करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इन्कार कर दिया है। याचिकाकर्ता हाई कोर्ट में यह साबित करने में नाकाम रहा कि मामला जनहित से जुड़ा है। ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महमूद पारचा ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिकाकर्ता की दलील थी कि भारत सरकार अपना कर्तव्य और भारतीयों के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करने में असमर्थ रही, लिहाजा मामले की जाच अदालत की निगरानी में की जानी चाहिए।

बता दें कि वर्ष 2014 में काम की तलाश में मोसुल गए 40 भारतीयों को आइएस के आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था और फिर 39 भारतीयों की हत्या कर दी थी। एक भारतीय खुद को बाग्लादेशी बताने की वजह से उनके चंगुल से बच पाया था। हाल ही में भारत सरकार ने सभी 39 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी और उनके अवशेष भारत लाए जा चुके हैं।

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