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'पुलिसकर्मियों और परिवारों की सुरक्षा का डर', जंतर-मंतर में नेमप्लेट न लगाने पर दिल्ली पुलिस ने कही बड़ी बात

Published: Mon, 05 Oct 2026 04:35 PM (IST)

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के कई जवान बिना नेम प्लेट के दिखे, जिसे अधिकारियों ने सुरक्षा ...और पढ़ें

दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने पुलिसकर्मी। फोटो: आर्काइव

दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने पुलिसकर्मी। फोटो: आर्काइव

HighLights

  1. दिल्ली पुलिस के जवान बिना नेम प्लेट के ड्यूटी पर दिखे

  2. सुरक्षा कारणों से नेम प्लेट न पहनने का फैसला लिया गया

  3. पुलिस जवाबदेही पर उठे सवाल,SC के निर्देशों का हवाला

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हालिया विरोध-प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के कई जूनियर पुलिसकर्मी बिना नेम प्लेट के नजर आ रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, यह सुरक्षा से जुड़ा फैसला था। पुलिस को आशंका थी कि पहचान सार्वजनिक होने के बाद पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जा सकता है और इसका असर उनके परिवारों पर पड़ सकता है।

लेकिन इस फैसले ने पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक नेताओं का कहना है कि भीड़ नियंत्रण, हिरासत या बल प्रयोग जैसी कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों की स्पष्ट पहचान जरूरी है।

jantar mantar protest

20 जुलाई से सबक लेकर बदला तरीका

अधिकारियों के अनुसार, 20 जुलाई को हुए एक प्रदर्शन के दौरान भीड़ नियंत्रण में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों की पहचान सोशल मीडिया पर सामने आई थी। इसके बाद कथित तौर पर कई पुलिसकर्मियों को ऑनलाइन निशाना बनाया गया।

पुलिस अधिकारियों की चिंता यह भी है कि किसी जूनियर पुलिसकर्मी की पहचान सोशल मीडिया पर वायरल होने पर उसके परिवार के सदस्यों को भी विवाद या ऑनलाइन उत्पीड़न का सामना करना पड़ सकता है।

जूनियर पुलिसकर्मियों को दी गई छूट

जंतर-मंतर पर ग्राउंड लेवल पर तैनात कई जूनियर पुलिसकर्मियों को बिना नेम प्लेट के ड्यूटी करने की अनुमति दी गई। वहीं वरिष्ठ IPS अधिकारियों की स्थिति अलग रही। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी नेम प्लेट पहनी हुई थी और वे आसानी से पहचाने जा सकते थे।

पुलिस के मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मी विशेष डिटेक्शन या इंटेलिजेंस यूनिट से जुड़े होते हैं और ड्यूटी की प्रकृति के कारण सामान्य तौर पर सादे कपड़ों में काम करते हैं।

jantar mantar protest 1

प्रदर्शनकारियों ने उठाया जवाबदेही सवाल

नेम प्लेट नहीं पहनने के फैसले पर प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक नेताओं ने सवाल उठाए हैं। जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए CPI के राज्यसभा सांसद पी. संतोष कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पुलिस कार्रवाई पर चिंता जताई।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाई। साथ ही पुलिस द्वारा बल प्रयोग और हिरासत की घटनाओं की जांच की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला

पी. संतोष कुमार ने सुप्रीम कोर्ट के डीके बसु मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों और दिल्ली पुलिस के Standing Order No. 51 का भी हवाला दिया। उनके अनुसार, गिरफ्तारी और हिरासत जैसी कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों की स्पष्ट और दिखाई देने वाली पहचान जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण है।

सुरक्षा बनाम जवाबदेही की बहस

इस मामले में पुलिस की चिंता और प्रदर्शनकारियों के सवाल दोनों सामने हैं। पुलिस का तर्क है कि सोशल मीडिया के दौर में पहचान सामने आने के बाद किसी जवान को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा सकता है और उसके परिवार को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भीड़ नियंत्रण, हिरासत या बल प्रयोग जैसी कार्रवाई में पुलिसकर्मियों की पहचान स्पष्ट रहनी चाहिए, ताकि किसी गलत कार्रवाई की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जा सके।

SIR के विरोध में हुआ प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर हालिया प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुआ। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर सवाल उठाए तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।

ऐसे प्रदर्शन के दौरान पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था के बीच नेम प्लेट का मुद्दा सामने आया।

मुद्दा सिर्फ नेम प्लेट का नहीं

जंतर-मंतर का विवाद केवल पुलिसकर्मियों के नेम प्लेट पहनने या न पहनने तक सीमित नहीं है। एक तरफ जवानों की पहचान सार्वजनिक होने से उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता है।

दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की पारदर्शिता और जवाबदेही का सवाल है। यही दो पहलू इस पूरे मामले को सुरक्षा और सार्वजनिक जवाबदेही के बीच संतुलन से जुड़े सवाल में बदल देते हैं।

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