दिल्ली के कनॉट प्लेस में शाम 6:30 बजे तक सभी दुकान, दफ्तर व रेस्टोरेंट किए गए बंद; NDMC ने जारी किया था नोटिस
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के कारण कनॉट प्लेस में गुरुवार शाम 6:30 बजे तक सभी दुकानें व प्रतिष्ठान बंद ...और पढ़ें

NDTA ने NDMC के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के निर्देश पर कनॉट प्लेस के सभी प्रतिष्ठानों को एडवाइजरी जारी कर उसे शाम ढलते ही बंद करने को कहा गया था। आदेशों के तहत बंद दुकानें। जागरण
HighLights
कनॉट प्लेस में शाम 6:30 बजे तक सभी प्रतिष्ठान बंद।
सीजेपी का NEET UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के चल रहे प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के प्रमुख वाणिज्यिक इलाके कनॉट प्लेस में गुरुवार शाम 6:30 बजे तक सभी दुकानें, दफ्तर, रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठान बंद करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देश का पालन करते हुए लोगों ने तय समय पर अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
दरअसल, न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने न्यू दिल्ली म्यूनिसिपल काउंसिल (NDMC) के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के निर्देश पर यह एडवाइजरी जारी की है। एसोसिएशन ने व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों से पूर्ण सहयोग की अपील की है ताकि किसी भी प्रकार की संपत्ति क्षति या जनहानि से बचा जा सके।
बता दें कि सीजेपी का प्रदर्शन पिछले कई दिनों से मध्य दिल्ली में जारी है। यह आंदोलन NEET UG 2026 परीक्षा में हुई कथित पेपर लीक के खिलाफ है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सीजेपी नेताओं ने केंद्र सरकार की बातचीत शुरू करने की पेशकश को अस्वीकार कर दिया है, भले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की हो। जंतर मंतर और टॉलस्टॉय मार्ग क्षेत्र में प्रदर्शन अभी भी जारी है, जिसके चलते सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र होने के कारण व्यापारियों की सुरक्षा और नुकसान से बचाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। एनडीटीए के बयान में कहा गया था कि असहज स्थिति से बचने और संपत्ति के नुकसान से स्वयं को बचाने के लिए सभी निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल, प्रशासन पूरे इलाके में स्थिति पर नजर रखे हुए है। व्यापारियों और दफ्तर जाने वाले लोगों से अनुरोध किया गया था कि वे समय से पहले अपने काम पूरे करें और बंदी का पालन करें।
