जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : देश की जानी-मानी धाविका और उड़नपरी के नाम से मशहूर पीटी ऊषा का कहना है कि परिणाम कुछ भी हो, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण खेल में हिस्सा लेना है। जीत और हार किसी भी खेल का एक पहलू है। खेल भावना से किया जा रहा प्रयास कभी भी असफल नहीं होता। यह बातें उन्होंने 67वीं अखिल भारतीय पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप -2018 के लिए सीजीओ काम्पलेक्स में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। चैंपियनशिप का आयोजन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के तत्वावधान में इस बार दिल्ली में किया जा रहा है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 10 से 14 दिसंबर तक होने वाले आयोजन में केंद्रीय व राज्य पुलिस बलों के 1100 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

पीटी उषा ने कहा कि सीआइएसएफ बहुकौशल बल है। इसकी तैनाती एयरपोर्ट और मेट्रो सहित संवेदनशील स्थानों पर है। सख्त ड्यूटी के बावजूद जवान हमेशा संजीदगी से पेश आते हैं और यात्रियों की हरसंभव मदद भी करते हैं। सीआइएसएफ के अपर महानिदेशक (मुख्यालय) ए के पटेरिया ने बताया कि पुलिस कर्मियों के बीच खेल भावना और दल भावना को बढ़ावा देने के लिए हर वर्ष पुलिस एथलेटिक्स चैंपियनशिप होती है। इसका शुभारंभ 10 दिसंबर को उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू करेंगे। समापन के मौके पर खेल राज्यमंत्री राज्य वर्धन सिंह राठौर शिरकत करेंगे। चैंपियनशिप में केंद्रीय और राज्य पुलिस बल की करीब 34 टीमें हिस्सा लेंगी। पुरुषों के लिए अलग-अलग 23 और महिला खिलाड़ियों के लिए 21 प्रतिस्पर्धा होंगी। इसमें सीआइएसएफ के 45 एथलीट विभिन्न खेलों में हिस्सा लेंगे।

खेलों का आयोजन 200 अधिकारियों की देख-रेख में होगा। पटेरिया ने बताया कि खेल जगत के कई सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार बल के खिलाड़ियों के नाम हैं। इस दौरान एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली फर्राटा धाविका दुती चंद और एशियाड में शॉटपुट में सिल्वर व कास्य पदक पाने वाले शक्ति सिंह के साथ ही सीआइएसएफ के आइजी सुधीर कुमार सहित अन्य आला अधिकारी मौजूद रहे।