राहुल मानव, नई दिल्ली

स्कूल में सात साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना ने फिर दिल्ली को शर्मसार किया है। पिछले साल सितंबर में गुरुग्राम के नामी स्कूल में प्रिंस की हत्या की गई थी। इसके बाद दिल्ली के स्कूल में पाच वर्षीय बच्ची से एक स्कूल कर्मी ने द¨रदगी की थी। इन घटनाओं के बाद स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय तथा सीबीएसई ने दिशानिर्देश जारी किए थे, लेकिन इनका पालन ही नहीं हो रहा है। स्कूलों में तीन गार्ड ही आठ घटे की सेवाएं दे रहे हैं, जो गलत है

दिल्ली सरकार के स्कूलों के शिक्षक संघ के अध्यक्ष अजयवीर का दावा है कि दिल्ली सरकार के एक हजार स्कूलों में आठ घटे के लिए सिर्फ तीन ही गार्ड तैनात हैं। हाल ही में यह फैसला किया गया था कि स्कूलों में जितने बच्चे हैं, उसी हिसाब से गार्ड की नियुक्ति की जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जो गार्ड तैनात हैं, वे भी शारीरिक तौर पर सक्षम नहीं हैं। न सीसीटीवी कैमरे, न स्कूल स्टाफ का पुलिस सत्यापन

दिल्ली अभिभावक संघ की अध्यक्ष अपराजिता गौतम का कहना है कि स्कूलों में लगातार विजिटर व स्कूल स्टाफ बच्चों के साथ घिनौनी वारदात कर रहे हैं। पिछले साल ही एक छोटे बच्चे की स्कूल परिसर में हत्या के बाद स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात सरकार ने कही थी। वहीं, सभी कर्मचारियों का तीन हफ्तों में पुलिस सत्यापन करने की बात भी कही गई थी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है।

---------- शिक्षा निदेशालय करेगा सख्त कार्रवाई

शिक्षा निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सभी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों को लगाने का काम जारी है। डेढ़ लाख कैमरे लगाए जाने हैं। सभी सरकारी स्कूलों, निगम स्कूलों और निजी स्कूलों में सुरक्षा के इंतजामों को लेकर निर्देश दिए गए हैं। जो भी स्कूल निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनपर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

-------------- नवंबर 2017 में शिक्षा निदेशालय ने जारी किए थे निर्देश - स्कूल सुरक्षा समिति का गठन किया जाए। इसमें स्कूल के प्रधानाचार्य, चार छात्र, स्कूल प्रबंधन समिति में शामिल चार अभिभावक, अभिभावक शिक्षक संघ, एक वरिष्ठ शिक्षक, एक प्राथमिक अध्यापक, गैर शिक्षण स्टाफ शामिल किया जाए।

- समिति की तरफ से स्कूल में हर माह में सुरक्षा वॉक का आयोजन हो, जिसमें सुरक्षा को सभी मापदंडों पर जांचा जाए।

- स्कूल परिसरों में एक व दो जगहों पर सुरक्षा सुझाव एवं सुरक्षा शिकायत के लिए बक्से लगाए जाएं।

- शिक्षा निदेशालय की तरफ से एक ऑनलाइन पोर्टल डिजाइन किया जाएगा, जिसमें सभी स्कूलों को मासिक आधार पर अनुपालन रिपोर्ट भरनी होगी। साथ ही निगम भी इसी तरह की ऑनलाइन प्रणाली तैयार करें और प्रत्येक तीन माह में रिपोर्ट अपने संबंधित आयुक्तों को जमा कराएं।

-------------- सितंबर 2017 में सीबीएसई ने सुरक्षा को लेकर दिए थे निर्देश - सुरक्षा बच्चों का मूलभूत अधिकार है। स्कूल परिसर में छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल स्कूल प्रशासन की है।

- स्कूल में बाहरी लोगों का प्रवेश नियंत्रित हो और आगंतुकों की निगरानी होनी चाहिए।

- सुरक्षा ऑडिट, सीसीटीवी कैमरे लगाएं।

- कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और प्रशिक्षण

- अभिभावक, शिक्षक व छात्र समितियों का गठन

- यौन उत्पीड़न पर एक आंतरिक शिकायत समिति और पॉक्सो कानून, 2012 के तहत समितियां हों।

- अभिभावकों से नियमित प्रतिक्रिया ली जाए।

- बच्चों की सुरक्षा और कुशलता के संबंध में चूक होने पर उचित कार्रवाई हो, इसमें स्कूल की मान्यता वापस लेना भी शामिल है।

Posted By: Jagran