राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : नजफगढ़ में अस्पताल बनाने की योजना दो दशक से अधर में लटकी हुई थी। बुधवार को इस अस्पताल के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने से इसका निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जग गई है। करीब दो साल में नजफगढ़ में 100 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। यह दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्र में केंद्र सरकार का पहला अस्पताल होगा। इससे नजफगढ़ देहात क्षेत्र के लोगों को घर के नजदीक इलाज की सुविधा मिल पाएगी।

वर्तमान में नजफगढ़ में कोई सरकारी अस्पताल नहीं है। नजफगढ़ से आठ-नौ किलोमीटर की दूरी पर जाफरपुर में दिल्ली सरकार का राव तुलाराम अस्पताल है। यह नजफगढ़ देहात का एकमात्र अस्पताल है। इसमें 100 बेड हैं लेकिन इस अस्पताल में सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को हरिनगर स्थित डीडीयू अस्पताल जाना पड़ता है। नजफगढ़ में लंबे समय से अस्पताल की जरूरत महसूस की जा रही थी।

नजफगढ़ स्थित हेल्थ सेंटर में अस्पताल बनाने के लिए करीब दो दशक पहले शिलान्यास किया गया था पर यह योजना शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पाई। नजफगढ़ के लोग लंबे समय से इसके निर्माण की मांग कर रहे थे। ऐसे में अस्पताल को मंजूरी मिलने से नजफगढ़ के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। करीब 100 करोड़ की लागत से 20 एकड़ जमीन में इस अस्पताल का निर्माण होगा। उम्मीद है कि निर्माण कार्य इसी साल शुरू हो जाएगा और वर्ष 2020 तक यह बनकर तैयार हो जाएगा।

अस्पताल में मेडिसिन, गायनी, पेडियाट्रिक विभाग से जुड़ी बीमारियों के इलाज व सर्जरी इत्यादि की सुविधा होगी। इस योजना को मंजूरी मिलने पर पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि इस अस्पताल के बनने से नजफगढ़ के 75 गांवों व 50 कॉलोनियों के लोगों को फायदा होगा।

Posted By: Jagran

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