नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की तरफ से कक्षा 10वीं परिणाम जारी करने को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक 10वीं का परिणाम घोषित करने की तारीख पर फैसला करना बाकी है। तारीख तय होते परिणाम की घोषणा की जाएगी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि बोर्ड अगले सप्ताह तक यानि 25 जुलाई के बाद परिणाम जारी कर सकता है। जबकि 12वीं का परिणाम 31 जुलाई को जारी किया जाएगा।

बोर्ड की तरफ से 10वीं के परिणाम जारी करने में होती देरी को लेकर प्रधानाचार्यों में भी असमंजस की स्थिति है। प्रधानाचार्यों ने बताया कि कुछ स्कूलों ने छात्रों को सीबीएसई द्वारा तय नीति के आधार पर 10वीं के छात्रों का मूल्यांकन नहीं किया था। स्कूलों ने अनुशोधन (माडरेशन) में छात्रों को ज्यादा अंक दे दिए थे।

सीबीएसई के अधिकारियों ने ऐसे में स्कूलों को निष्पक्ष रहते हुए अंकों को दोबारा 17 जुलाई तक माडरेट कर अपलोड करने को कहा था। लेकिन स्कूलों द्वारा अंक अपलोड करने के बाद भी बोर्ड की तरफ से परिणाम में देरी हो रही है। हालांकि, पहले ये संभावना थी कि परिणाम 20 जुलाई को जारी किया जाएगा। सीबीएसई के 10वीं के परिणाम में होती देरी को लेकर बोर्ड के अधिकारियों ने फिलहाल कोई भी कारण स्पष्ट नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा में लगभग 21.5 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया था।

दूसरी से नौवीं तक जल्द शुरू होंगे ईडब्ल्यूएस के तहत दाखिले

वहीं, दिल्ली की सरकारी जमीनों पर संचालित निजी स्कूलों में जल्द ही ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत दूसरी से नौवीं तक दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी। शिक्षा निदेशालय के निजी स्कूल शाखा के सहायक शिक्षा निदेशक योगेश पाल सिंह ने इस संबंध में एक परिपत्र जारी करते हुए कुुल 478 स्कूलों में दूसरी से नौवीं तक उपलब्ध 2759 सीटों का डाटा साझा किया। उन्होंने स्कूलों को डाटा साझा करते हुए निर्देश दिया कि यदि ईडब्ल्यूएस की कुल सीटों के लेकर पूर्व में उपलब्ध कराए गए इस डाटा में कोई विसंगति है तो स्कूल 23 जुलाई तक निजी स्कूल शाखा में सभी प्रकार की विसंगति को दूर करा सकते हैं।

निदेशालय के मुताबिक यदि कोई स्कूल विसंगति दूर कराने नहीं आता तो ये मान लिया जाएगा कि स्कूल द्वारा सीटों की संख्या को लेकर उपलब्ध कराया डाटा सही है। निदेशालय इसी संख्या के आधार पर कंप्यूटराइज्ड ड्रा के तहत स्कूलों में सीटें आवंटित करेगा। निदेशालय द्वारा आवंटित सीटों की उपलब्धता के बाद स्कूल सीट की उपलब्धता का बहाना बनाकर दाखिले से मना नहीं कर सकते। निदेेशालय के मुताबिक यदि कोई स्कूल ऐसा करता है तो स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।