रिटायरमेंट के बाद पेंडिंग बिल पास कराने के लिए मांगी रिश्वत, एंटी करप्शन टीम ने MCD के दो क्लर्क किए गिरफ्तार
एंटी करप्शन के अधिकारियों ने पूर्वी दिल्ली एमसीडी के पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं विभाग के दो बिलिंग क्लर्कों, संजय व हरीश ...और पढ़ें
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रकम लेते ही सीबीआई टीम ने दोनों को पूर्वी जोन स्थित निगम कार्यालय के बाहर से पकड़ लिया।
HighLights
एसीबी ने एमसीडी के दो बिलिंग क्लर्कों को गिरफ्तार किया।
सेवानिवृत्त कर्मचारी के लंबित बिल पास करने के लिए रिश्वत मांगी।
पूर्वी जोन कार्यालय के बाहर रंगे हाथ पकड़े गए संजय और हरीश।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। एमसीडी के पूर्वी जोन में पर्यावरण प्रबंधन सेवाएं (डेम्स) विभाग में तैनात दो बिलिंग क्लर्क को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने सोमवार शाम रिश्वत लेते कार्यालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर्मचारियों का नाम संजय और हरीश है।
किस काम के नाम पर कर रहे थे उगाही
दोनों पर निगम के एक पूर्व कर्मचारी के सेवानिवृत्ति के बाद के लंबित बिलों को पास करने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप बिछाकर कार्रवाई की और पूर्व कर्मचारी के जरिये दोनों को रिश्वत की रकम दिलवाई। रकम लेते ही एसीबी टीम ने दोनों को पूर्वी जोन स्थित निगम कार्यालय के बाहर से पकड़ लिया।
कुछ दिन पहने एसीबी से की शिकायत
निगम सूत्रों के अनुसार, एमसीडी के पूर्व कर्मचारी के सेवानिवृत्ति के बाद के कुछ बिल लंबित थे। इन बिलों को क्लियर कराने के लिए उनसे रिश्वत की मांग की गई थी। पूर्व कर्मचारी ने इसकी शिकायत कुछ दिन पूर्व एसीबी से की। शिकायत की जांच के बाद एसीबी ने दोनों कर्मचारियों को पकड़ने की योजना बनाई।
सोमवार शाम पूर्व कर्मचारी को रिश्वत की रकम देकर दोनों कर्मचारियों के पास भेजा गया। पूर्वी जोन के निगम कार्यालय के बाहर जैसे ही संजय और हरीश ने रकम ली, एसीबी की टीम ने दोनों को पकड़ लिया। इसके बाद टीम दोनों को अपने साथ ले गई और मामले में पूछताछ शुरू की।
निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों पर पहले भी कार्रवाई
एमसीडी के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ रिश्वतखोरी के मामलों में एसीबी पहले भी कार्रवाई करती रही है। हाल में शाहदरा नार्थ जोन (अब उत्तर पूर्वी जोन) के तत्कालीन डीसी कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी दिव्यांशु गौतम को चार लाख रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले शाहदरा साउथ जोन (अब पूर्वी जोन) के सहायक अभियंता हुकम सिंह मीणा को भी रिश्वत लेते पकड़ा गया था।
अब अन्य कर्मचारियों से तलाशा जा रहा संबंध
वर्ष 2025 और 2024 में भी एमसीडी के अलग-अलग विभागों में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों को रिश्वत के मामलों में एसीबी ने गिरफ्तार किया था। सोमवार की कार्रवाई के बाद एक बार फिर निगम के कामकाज में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में दोनों कर्मचारियों की भूमिका तक ही रिश्वत का मामला सीमित था या इसमें कोई अन्य कर्मचारी भी शामिल है।
एमसीडी में एसीबी की पुरानी कार्रवाई
- 30 मार्च 2026 : शाहदरा नाॅर्थ जोन के तत्कालीन डीसी कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा और प्रशासनिक अधिकारी दिव्यांशु गौतम को चार लाख रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया।
- मार्च 2026 : शाहदरा साउथ जोन के सहायक अभियंता हुकम सिंह मीणा को लंबित बिल सत्यापन की फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
- 17 अक्टूबर 2025 : एमसीडी की जूनियर ला आफिसर रेनू सोनी और अपीलीय न्यायाधिकरण के अहलमद विकास भारती को रिश्वत के मामले में गिरफ्तार किया गया।
- 2 अगस्त 2024 : निहाल विहार में निर्माण जारी रखने देने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में एमसीडी के बेलदार राजकुमार और उसके सहयोगी अजय कुमार गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया।
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