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सील टूटी, 20 फ्लैट बिके और फिर चला निगम का हथौड़ा, दयालपुर में बिल्डर-अफसर सांठगांठ का पर्दाफाश

Published: Thu, 10 Sep 2026 02:14 PM (IST)

दयालपुर में एक पांच मंजिला मकान की सील तोड़कर 20 फ्लैट बेचे गए, जिसके बाद दैनिक जागरण की खबर पर निगम ने तोड़फोड़ की कार्रवाई की।

पिछले साल और इस साल सितंबर महीने में बिल्डिंग का हाल। जागरण

पिछले साल और इस साल सितंबर महीने में बिल्डिंग का हाल। जागरण

HighLights

  1. दयालपुर में सील तोड़कर बेचे गए 20 अवैध फ्लैट।

  2. निगम ने खबर प्रकाशित होने के बाद की कार्रवाई।

  3. फ्लैट खरीदारों ने जांच और मुआवजे की मांग की।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दयालपुर गली नंबर एक में पांच मंजिला मकान की सील तोड़कर 20 फ्लैट्स बेच दिए गए। एक फ्लैट करीब 22 से 30 लाख रुपये में खरीदकर 20 परिवार इसमें रहने लगे।

दैनिक जागरण में नौ सितंबर के अंक में निगम व बिल्डर की सांठगांठ का उजागर करते हुए खबर प्रकाशित हुई। निगम अधिकारियों ने अपनी जान बचाते हुए वीरवार को इस पांच मंजिला मकान में तोड़फोड़ की कार्रवाई की।

हालांकि मौके पर मौजूद निगम के अधिकारी यह नहीं बता सके कि इस पंक्चर मकान की सील टूटी कैसे और फिर से इस मकान को ठीक करके इसमें बने फ्लैट्स बेच कैसे दिए।

क्या बिल्डकर व अधिकारी फ्लैट खरीदने वाले लोगों की रकम वापस करेंगे। जिन लोगों का नुकसान हुआ है वह कह रहे है उनका क्या गुनाह है।

खबर प्रकाशित होने के बाद एक्शन में निगम

खबर प्रकाशित होने के बाद निगम की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मकान में कार्रवाई शुरू की। निगम कर्मचारियों ने मकान के हिस्सों में तोड़फोड़ कर अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान मकान में रहने वाले फ्लैट मालिकों में भी बेचैनी दिखाई दी। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर फ्लैट खरीदे हैं। अब निगम की कार्रवाई के बाद उनके सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।

बिना अधिकारियों की जानकारी के सील तोड़ना संभव नहीं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मकान को पहले निगम ने सील किया था। इसके बावजूद सील कैसे तोड़ी गई और निर्माण दोबारा कैसे पूरा हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए।

लोगों का कहना है कि बिना अधिकारियों की जानकारी के सील मकान में निर्माण कर 20 फ्लैट तैयार करना आसान नहीं है। ऐसे में बिल्डर के साथ निगम अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी है।

क्या बोले फ्लैट बायर्स?

फ्लैट खरीदने वालों का कहना है कि यदि मकान अवैध था तो निर्माण के दौरान ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने अपनी जमा पूंजी देकर फ्लैट खरीदे और अब निगम की कार्रवाई का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इस पूरे मामले में उनकी क्या गलती है और उनके पैसे की भरपाई कौन करेगा।

स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों व बिल्डर की भूमिका तय करने और फ्लैट खरीदारों को राहत देने की मांग की है। बता दें पिछले साल निगम ने इस मकान को सील किया था और इसके लेंटर व दीवारें तोड़ दी थी।

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