शिल्प और संस्कृति की झलक: ब्रिक्स बाजार में अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमकेंगे देश भर के कारीगर
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में एक विशेष ब्रिक्स बाजार सजाया जाएगा, जहां विदेशी मेहमानों को भारत की समृद्ध शिल्प परंपरा और विविध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जाएगा।

विशेष ब्रिक्स बाजार सजाया जाएगा। AI जनरेटेड
HighLights
दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन हेतु विशेष शिल्प बाजार का आयोजन।
विदेशी मेहमान भारत की समृद्ध शिल्प परंपरा से होंगे रूबरू।
विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प का प्रदर्शन होगा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने वाले विदेशी मेहमानों को भारत की समृद्ध शिल्प परंपरा से रूबरू कराने के लिए विशेष ब्रिक्स बाजार सजाया जाएगा।
बाजार में देश के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और लोक शिल्प को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाने के साथ स्थानीय कारीगरों की हुनरमंदी को अंतरराष्ट्रीय मंच देना है।
भारतीय कारीगरी की बारीकी बयां करेंगे
ब्रिक्स बाजार में अलग-अलग राज्यों के शिल्प की अपनी अलग पहचान नजर आएगी। कहीं मिट्टी और लकड़ी से तैयार कलाकृतियां आकर्षित करेंगी तो कहीं हाथ से बुने वस्त्र, पारंपरिक आभूषण, धातु शिल्प और सजावटी सामान भारतीय कारीगरी की बारीकी बयां करेंगे।
बाजार में देश के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े शिल्प को इस तरह प्रस्तुत किया जाएगा कि विदेशी मेहमान एक ही स्थान पर भारत की विविध कला परंपराओं को करीब से देख सकें।
ये म्यूजियम रहेंगे प्रभावित
ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसके मद्देनजर प्रमुख म्यूजियम जैसे सुप्रीम कोर्ट स्थित मेट्रो म्यूजियम और राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र को 13 सितंबर तक आम लोगों के लिए बंद रखा गया है। सुरक्षा कारणों से इन स्थानों पर पर्यटकों और अन्य आगंतुकों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
मेट्रो म्यूजियम और राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र दिल्ली आने वाले पर्यटकों के पसंदीदा स्थानों में शामिल हैं। सामान्य दिनों में यहां दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार और मध्य प्रदेश सहित दूसरे राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं। छुट्टियों और सप्ताहांत में बड़ी संख्या में परिवार बच्चों के साथ यहां आते हैं।
वहीं, दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों की ओर से भी विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए इन स्थानों पर लाया जाता है।
