नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की आचरण समिति की सिफारिश के बाद भाजपा विधायक ओपी शर्मा को दो सत्रों के लिए निलंबित कर दिया गया है। समिति ने बुधवार को रिपोर्ट सदन में पेश की और फिर विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने फैसला सुनाया।

आप विधायक भावना गौड़ ने रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव पेश किया कि भाजपा विधायक की विधानसभा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद कर दी जाए। प्रस्ताव पर शाम पांच बजे चर्चा शुरू हुई, जिसमें आप विधायक सरिता सिंह, नितिन त्यागी, अमानतुल्ला, सोमनाथ भारती और जरनैल सिंह शामिल हुए।

उन्होंने भाजपा विधायक द्वारा चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा पर गत वर्ष 24 नवंबर को की गई टिप्पणी पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने रिपोर्ट में की गई सिफारिश के अनुसार, भाजपा विधायक की सदस्यता रद करने की विधानसभा अध्यक्ष से मांग की।

इस पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायकों ने सदन से वाकआउट किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ओपी शर्मा को एक और मौका देते हुए उनके सामने सदन में खेद प्रकट करने का प्रस्ताव रखा। बाद में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ओपी शर्मा को अगले दो सत्र के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे मंजूरी दे दी गई।

भाजपा विधायक ओपी शर्मा ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन सत्र में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। शर्मा ने अलका लांबा से अपने व्यवहार के लिए माफी मांगी।

उन्होंने सदन में कहा कि यदि उनके शब्दों से अलका लांबा को ठेस पहुंची है तो वह खेद प्रकट करते हैं। सदन के फैसले से निराश अलका लांबा ने कहा कि वह ओपी शर्मा को माफ नहीं करेंगी। लांबा ने कहा कि शर्मा भले ही उन्हें अपनी बहन कह रहे हों, लेकिन वह उन्हें भाई का दर्जा नहीं दे सकती हैं।

गत वर्ष 24 नवंबर को विधासभा की कार्यवाही के दौरान जब दिल्ली में रैन-बसेरों पर चर्चा चल रही थी, उस समय भाजपा विधायक ओपी शर्मा ने आप विधायक अलका लांबा पर टिप्पणी करते हुए उन्हें रातभर घूमने वाली महिला कहा था।

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