अगले हफ्ते लगातार 5 दिन बंद रहेंगे बैंक, 25 सितंबर तक निपटा लें जरूरी काम; SBI-PNB ने जारी की एडवाइजरी
देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंक अगले सप्ताह लगातार पांच दिनों तक बंद रहेंगे, क्योंकि बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल का आह्वान किया है।

अगले हफ्ते पांच दिन बंद रहेंगे बैंक। फोटो: सांकेतिक
HighLights
बैंक यूनियनें 28-30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल पर
साप्ताहिक अवकाश के कारण बैंक लगातार पांच दिन बंद रहेंगे
डिजिटल सेवाएं जारी, पर एटीएम में नकदी की किल्लत संभव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंकों में अगले सप्ताह लगातार 5 दिनों तक कामकाज पूरी तरह प्रभावित रह सकता है।
बैंक कर्मचारियों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 28 सितंबर (सोमवार) से 30 सितंबर (बुधवार) तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।
हड़ताल से ठीक पहले शनिवार (26 सितंबर) और रविवार (27 सितंबर) का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। ऐसे में बैंक लगातार पांच दिनों तक बंद रहेंगे। इसके बाद अगले महीने अक्टूबर में ही शाखाओं में सामान्य कामकाज संभव हो सकेगा।
हड़ताल की आहट को देखते हुए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पंजाब नेशनल बैंक (PNB) समेत प्रमुख बैंकों ने ग्राहकों के लिए परामर्श जारी किया है।
बैंकों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे चेक क्लीयरेंस, ड्राफ्ट और नकदी जमा या निकासी जैसे बैंकिंग से जुड़े सभी जरूरी काम शुक्रवार (25 सितंबर) तक हर हाल में निपटा लें, ताकि किसी भी समस्या की स्थिति से बचा जा सके।
डिजिटल सेवाएं रहेंगी बहाल
बैंकिंग प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि शाखाएं बंद रहने के दौरान ग्राहकों की असुविधा को कम करने के लिए डिजिटल चैनल चालू रखे जाएंगे। हड़ताल के दौरान एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट सेवाएं नियमित रूप से संचालित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हालांकि, शाखाओं में कैश जमा न होने के कारण लंबी छुट्टी के दौरान कुछ एटीएम में नकदी की किल्लत पैदा हो सकती है।
क्या हैं बैंक कर्मचारियों की मांगें?
बैंक यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग बैंकों में सप्ताह में पांच दिन काम लागू करना है। इसके अलावा, पेंशन में संशोधन, पेंशन योजना में सुधार और सभी बैंक कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का विकल्प पुनः बहाल करना उनकी मुख्य मांगों में शामिल हैं।
हाल ही में श्रम आयुक्त की मध्यस्थता में हुई सुलह वार्ता बेनतीजा रही। वित्त मंत्रालय ने भी यूनियनों से हड़ताल वापस लेकर बातचीत के जरिए मुद्दा सुलझाने की अपील की है, लेकिन यूनियनें अपनी मांगों पर अड़ी हुई हैं।
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