गैंगवार या पुरानी रंजिश? जिम ट्रेनर विजय कुमार हत्याकांड के फरार शूटरों की हुई पहचान
दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर विजय कुमार की 18 गोलियां मारकर हत्या करने वाले तीन शूटरों अंकुश, निखिल ...और पढ़ें
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जिम ट्रेनर हत्याकांड में शूटरों की हुई पहचान। AI जनरेटेड
HighLights
आया नगर में जिम ट्रेनर विजय कुमार की हत्या।
तीन शूटरों अंकुश, निखिल, दीपक की हुई पहचान।
पुलिस टीमें फरार शूटरों की तलाश में जुटी हैं।
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली के आया नगर में जिम ट्रेनर विजय कुमार की 18 गोलियां मारकर हत्या करने वाले तीन शूटरों की दिल्ली पुलिस ने पहचान कर ली है।
अंकुश, निखिल उर्फ गप्पू व दीपक नाम के शूटर आया नगर के ही रहने वाले हैं। वारदात में शामिल एक मुख्य शूटर की सीसीटीवी कैमरों से पहचान नहीं हो पाई है। जिन शूटरों की पहचान हुई है वे सभी अपने-अपने घरों से फरार हैं।
आरोपियों का पता लगाने में जुटी पुलिस
दक्षिण जिला पुलिस के अलावा स्पेशल सेल व क्राइम ब्रांच की कम से कम 10 टीमें तीनों की तलाश में दिल्ली, यूपी, हरियाणा व राजस्थान आदि राज्यों में उनके सभी संभावित ठिकानों पर लगातार छापामारी कर रही हैं। पुलिस इनके स्वजन को हिरासत में लेकर ठिकाने के बारे में पता लगाने में जुटी हैं।
पुलिस को शक है कि इस घटना के बाद आया नगर में एक बार फिर गैंगवार जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है।
बताया कि वारदात के दिन ही विदेश में छिपे हिमांशु उर्फ भाऊ के नाम से सोशल मीडिया पोस्ट में हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात सामने आई थी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हिमांशु के नाम से पोस्ट उसी ने की थी अथवा उसके नाम पर किसी अन्य ने पोस्ट किया था।
मृतक के स्वजन ने दूसरे पक्ष के फरीदाबाद के रहने वाले रिश्तेदार कमल (अरुण लोहिया का मामा) और आया नगर के रोहित पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस इस बारे में जानकारी जुटा रही है।
बता दें कि आया नगर गांव में हंसा चौक के पास जिम ट्रेनर विजय कुमार की सोमवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने घटनास्थल से 18 खोखे और एक कारतूस बरामद किया था।
लेनदेन की रंजिश में हत्या
15 मई 2025 को रतनलाल के बेटे दीपक ने लेनदेन की रंजिश में आया नगर के रहने वाले अरुण लोहिया नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने दीपक के साथ ही योगेश और अजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अरुण लोहिया का मामा कमल गैंग्सटर नीरज फरीदपुरिया का करीबी है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कमल ने नीरज फरीदपुरिया से भांजे की मौत का बदला लेने के लिए शूटरों का इंतजाम करने को कहा था। उनकी योजना दीपक की हत्या करने की थी, पर वह जेल में था।
कमल के कहने पर ही नीरज फरीदपुरिया ने रणदीप भाटी से संपर्क कर तीन शूटरों को सुपारी देकर दीपक के पिता रतनलाल की 30 नवंबर 2025 को हत्या करा दी थी। उन लोगों को शक था कि अरुण की हत्या में सिर्फ अजय ही नहीं, उसका बड़ा भाई विजय भी शामिल था। इसके चलते अरुण के परिवार के लोग विजय को कई बार धमकियां भी दे चुके थे।
