विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'अब पूरे देश में होगा आंदोलन', अंकिता भंडारी के माता-पिता ने इंडिया गेट पर किया प्रदर्शन, पुलिस ने हिरासत में लेकर छोड़ा

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Thu, 15 Oct 2026 06:25 AM (IST)Updated: Thu, 15 Oct 2026 06:55 AM (IST)

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर इंडिया गेट पर परिजनों और प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया। दिल्ली पुलिस ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. अंकिता भंडारी न्याय के लिए इंडिया गेट पर माता-पिता का प्रदर्शन।

  2. दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, बाद में रिहा किया।

  3. दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रद्द करने की मांग।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर अंकिता के माता-पिता, कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के इंडिया गेट पर रात भर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया।

परिजनों और प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल बनाए जाने को लेकर है। अंकिता के परिजनों का आरोप है कि इस मामले में उचित कार्रवाई करने के बजाय मुख्य आरोपी से जुड़े व्यक्ति को उच्च पद की जिम्मेदारी दी जा रही है।

ankita bhandri

हिरासत में लिए जाने से पहले अंकिता की मां ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द नहीं की जाती, वे अपनी मांग पर अडिग रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें सार्वजनिक स्थान पर बैठने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे अपने घर में ही भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होंगी।

सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम

वहीं, अंकिता के पिता ने केंद्र सरकार को सीधा 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि सिक्किम के गवर्नर के तौर पर दुष्यंत कुमार की नियुक्ति को तुरंत रद्द किया जाए। उन्होंने आगाह किया कि यदि नियुक्ति वापस नहीं ली गई तो पूरे देश के लोग सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्षी दलों ने भी सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले चार सालों से न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता पर पुलिस द्वारा बेरहमी से एक्शन लिया जा रहा है, और उन्हें इंसाफ दिलाने के बजाय आरोपी पक्ष को राज्यपाल पद से नवाजा जा रहा है।