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'सार्वजनिक व्यवस्था पर खुला हमला', AI समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रोटेस्ट पर दिल्ली कोर्ट ने और क्या कहा?

Published: Sun, 22 Feb 2026 06:48 PM (IST)

पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन को 'सार्वजनिक व्यवस्था पर खुला हमला' बताया है।

भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ता। सौजन्य : वीडियो ग्रैब

भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करते भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ता। सौजन्य : वीडियो ग्रैब

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा टी-शर्ट उतारकर विरोध-प्रदर्शन करने को पटियाला हाउस कोर्ट ने सार्वजनिक व्यवस्था पर खुला हमला बताया है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि ने कहा कि युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध का तरीका सही नहीं था और इससे देश की कूटनीतिक छवि को नुकसान हुआ है। अदालत ने उक्त टिप्पणी करते हुए शनिवार को प्रदर्शनकारी युवा कांग्रेसियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

Delhi Khabar Update - 2026-02-22T184647.931

भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट में टीशर्ट लेकर प्रदर्शन करते भारतीय युवा कांग्रेस कार्यकर्ता। सौजन्य : वीडियो ग्रैब

देश की कूटनीतिक छवि को पहुंचा नुकसान- कोर्ट

पुलिस कस्टडी की मांग वाली दिल्ली पुलिस की अर्जी को स्वीकार करने का कारण बताते हुए अदालत ने कहा कि आरोपित बिहार, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के दूर-दराज के इलाकों से हैं, ऐसे में उनके फरार होने का बहुत ज्यादा खतरा है और शुरुआती जांच में विरोध में बाहरी साजिश के लिंक का पता चला है।

अदालत ने यहां तक कहा कि विरोध ने न केवल कार्यक्रम की पवित्रता को खतरे में डाला, बल्कि देश की कूटनीतिक छवि को भी खतरे में डाला। अदालत ने रिकॉर्ड पर लिया कि आरोपितों पर एआई समिट के दौरान भारत मंडपम के हाई-सिक्योरिटी एरिया में पहले से सोची-समझी घुसपैठ की, जबकि यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कान्क्लेव है, जिसमें दुनिया भर के डेलीगेट और बड़े लोग आते हैं।

ऐसे अपराधों की होनी चाहिए कड़ी जांच- कोर्ट

मजिस्ट्रेट ने कहा कि ऐसा व्यवहार स्पष्ट तौर पर असहमति के जायज दायरे से बाहर है। अदालत ने कहा कि जांच से पता चलता है कि कई साथी फरार हो सकते हैं, जिससे डिजिटल फुटप्रिंट्स, वित्तीय लेनदेने का लिंक और सह-आरोपितों की जानकारी से छेड़छाड़ हो सकती है।

अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधों की कड़ी जांच होनी चाहिए क्योंकि वे एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर पब्लिक आर्डर और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं और बीएनएस की धारा-121 (किसी सरकारी कर्मचारी को उसकी ड्यूटी से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 61 (दो) (आपराधिक साजिश) के तहत तीन साल से ज्यादा की जेल की सजा हो सकती है।

अदालत ने कहा कि उक्त तथ्यों व गंभीर आरोपों को देखे हुए सभी आरोपियों की पांच दिन के पुलिस कस्टडी में भेजा जाता है। आरोपितों को अब 25 फरवरी को रिमांड अवधि समाप्त होने पर अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

20 फरवरी को पुलिस ने बिहार से यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कृष्ण हरि; बिहार के राज्य सचिव कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव को समिट के एक हाल के अंदर शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने के लिए गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान उन पर सुरक्षा कर्मियों व के साथ हाथापाई का भी आरोप है।