श्रद्धा वॉकर हत्याकांड: पुलिस अधिकारी के बयान पर बचाव पक्ष की जिरह, अब 29 जुलाई को अगली सुनवाई
साकेत कोर्ट में श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड के आरोपित आफताब पूनावाला के खिलाफ इंस्पेक्टर दीपक के बयान पर जिरह हुई। बचाव ...और पढ़ें

श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड मामले में इंस्पेक्टर दीपक के दर्ज बयान पर जिरह हुई। फाइल फोटो
HighLights
साकेत कोर्ट में इंस्पेक्टर दीपक के बयान पर जिरह हुई।
बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी के आधार पर सवाल पूछे।
अगली जिरह के लिए 29 जुलाई की तिथि निर्धारित।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। साकेत कोर्ट में श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड मामले में आरोपित आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ प्रतिदिन चल रही सुनवाई के क्रम में मंगलवार को इंस्पेक्टर दीपक के दर्ज बयान पर जिरह हुई।
बचाव पक्ष ने तात्कालिक परिस्थितियों और गिरफ्तारी के ग्राउंड को लेकर सवाल पूछे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने बयान पर आगे की जिरह के लिए 29 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। एक दिन पहले यानी सोमवार को बेंगलुरु के डीएनए विशेषज्ञ वीआर गिरनार के दर्ज बयान पर जिरह हुई थी।
वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बयान दर्ज कराए
मामले में वाट्सएप के नोडल आफिसर एड्रियन सिल्वेरा, गूगल की शेल्बी स्मिथ, गूगल (जीमेल) की आरती सेठ व बंबल के ल्यूक मित्सी ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बयान दर्ज कराए हैं।
बता दें कि 29 मई को मुकदमे में तेजी लाने के लिए श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की सुनवाई 20 जुलाई से 27 जुलाई तक प्रतिदिन करने का फैसला किया गया था। आठ जुलाई को कोर्ट ने सुनवाई की एक तारीख रद कर दी थी।
जेल परिसर में स्थित इग्नू सेंटर में होनी थी परीक्षा
आरोपित की 20 जुलाई को एमए (सोशियोलॉजी) की परीक्षा थी। यह परीक्षा तिहाड़ जेल परिसर में स्थित इग्नू सेंटर में होनी थी। अभियोजन पक्ष के कुल आठ गवाहों से पूछताछ की जानी है। यह मामला 2023 से लंबित है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मई 2022 में पूनावाला ने कथित तौर पर श्रद्धा वाल्कर की हत्या कर दी थी। यह मामला नवंबर 2022 में तब सामने आया जब उसके माता-पिता ने उससे संपर्क करने की कोशिश की। नवंबर 2022 में महरौली थाने में एफआइआर दर्ज की गई थी।
