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‘Van Dyke तिरंगा लहराता तो देश को खतरा होता’, दीपके का PM मोदी पर तंज; बोला- स्ट्राॅन्ग लीडर वाला फील चाहिए बस

Published: Fri, 23 Oct 2026 08:56 PM (IST)

अभिजीत दिपके ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैन डाइक को भारत से अमेरिका लौटने की अनुमति मिलने पर केंद्र सरकार पर तंज कसा है। ।

मैथ्यु वैन डाइक को अमेरिका जाने की अनुमति देने पर दीपके ने पीएम मोदी पर किया तंज। फोटो: इंटरनेट

मैथ्यु वैन डाइक को अमेरिका जाने की अनुमति देने पर दीपके ने पीएम मोदी पर किया तंज। फोटो: इंटरनेट

HighLights

  1. दीपके ने वैनडाइक को आतंकियों का प्रशिक्षक बताया, सरकार पर साधा निशाना।

  2. भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती पर चिंता व्यक्त की।

  3. दिल्ली में प्रदर्शन रोकने को सरकार की प्राथमिकता बताया, आलोचना की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को भारत से अमेरिका लौटने की अनुमति मिलने के मामले में अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है।

उन्होंने वैनडाइक के आतंकियों को ट्रेनिंग देने से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर वह भारत का तिरंगा लहराना चाहता, तो शायद बड़ा नेशनल सिक्योरिटी थ्रेट माना जाता।

इसके साथ ही दीपके ने भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर भी सरकार को घेरा।

‘आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा था, तो कोई बात नहीं’

दीपके ने अपने वीडियो में कहा कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से वैनडाइक के अमेरिका लौटने पर कोई आपत्ति नहीं जताई गई। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में सवाल उठाया कि वैनडाइक को आखिर रोका क्यों जाना चाहिए, जबकि उनके आरोप के मुताबिक वह म्यांमार में आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा था।

दीपके ने कहा, “ऐसा तो नहीं कि वो हमारे देश का तिरंगा लहराना चाहता था। अगर हमारे देश का तिरंगा लहराना चाहता, तो बड़ा नेशनल सिक्योरिटी थ्रेट हो सकता था।”

उन्होंने आगे कहा कि वैनडाइक आतंकियों को ट्रेनिंग दे रहा था, लेकिन इस मामले में कोई बड़ी बात नहीं मानी गई। उनकी टिप्पणी का निशाना सरकार की सुरक्षा प्राथमिकताएं थीं। हालांकि, वैनडाइक से जुड़े आरोपों और अदालत के आदेश को अलग-अलग समझना जरूरी है।

‘चीन से लड़ना मुश्किल हो गया’

दीपके ने अपने वीडियो में भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने भारतीय सुरक्षा बलों की उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें चीन से मुकाबले को चुनौतीपूर्ण बताया गया था।

दीपके ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि सुरक्षा बलों को सीमा से हटाकर दिल्ली में तैनात किया गया है। उनके मुताबिक, इससे चीन के मोर्चे पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

उन्होंने कहा, “जो मोदी ने सारी फोर्सेस बॉर्डर से निकालकर दिल्ली में डिप्लॉय करी हैं, तो टफ हो गई।”

दीपके की यह टिप्पणी भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा और देश के भीतर कानून-व्यवस्था संभालने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर राजनीतिक बहस के बीच आई है।

'दिल्ली में प्रदर्शन रोकना सरकार की प्राथमिकता'

दीपके ने आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता भारत-चीन सीमा की सुरक्षा या वैनडाइक जैसे मामलों की गंभीरता नहीं, बल्कि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों को रोकना है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में किसी को प्रदर्शन नहीं करने देना और केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग को दबाना सरकार की प्राथमिकता बन गई है।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब चीन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने प्रधानमंत्री मोदी अपनी कथित सख्त छवि नहीं दिखा पा रहे, तो देश के भीतर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करके मजबूत नेता की छवि पेश करने की कोशिश की जा रही है।

दीपके ने कहा, “तो स्ट्रॉन्ग लीडर वाला फील लेने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा न। तो पीटेंगे स्टूडेंट्स को सड़कों पर, घसीटेंगे स्टूडेंट्स को सड़कों पर, करेंगे डिटेन, करेंगे अरेस्ट तिरंगा लहराने के लिए।”

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