'आम आदमी के फॉर्म अटके इनका 7 दिन में कैसे बना?', राघव चड्ढा के दिल्ली वोटर आईडी पर AAP का सवाल
आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के दिल्ली में वोटर आईडी बनने की 'तेज रफ्तार' पर चुनाव आयोग ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के दिल्ली के मतदाता सूची में नाम जुड़ने को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया है कि राघव चड्ढा का वोटर आईडी कार्ड एक 'स्पेशल रफ्तार' से बनाया गया है, जबकि आम नागरिकों के फॉर्म लंबे समय से लंबित पड़े हुए हैं। ढांडा ने चुनाव आयोग से इस पूरी प्रक्रिया पर सार्वजनिक रूप से जवाब मांगा है।
आम नागरिक और वीआईपी के बीच भेदभाव का आरोप
अनुराग ढांडा ने अपने बयान में बताया कि राघव चड्ढा ने दिल्ली में अपना वोट बनवाने के लिए 26 अगस्त को फॉर्म 6 भरा था और मात्र 7 दिनों के भीतर, 2 सितंबर तक उनका वोट अप्रूव होकर उनका वोटर आईडी (EPIC) नंबर भी जनरेट हो गया। इसके उलट, उन्होंने एक आम नागरिक का उदाहरण देते हुए कहा कि उस व्यक्ति ने 5 अगस्त को ही फॉर्म 6 भर दिया था, लेकिन आज तक उसके घर पर कोई बीएलओ (BLO) तक नियुक्त नहीं किया गया है। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तंज कसते हुए पूछा कि राघव चड्ढा का वोट इतनी 'स्पेशल रफ्तार' से कैसे बन गया?
Raghav Chadha का दिल्ली में वोट ‘स्पेशल रफ्तार’ से कैसे बना? चुनाव आयोग को इसका जवाब देना पड़ेगा।
— AAP (@AamAadmiParty) September 10, 2026
Raghav Chadha जी ने 26 अगस्त को दिल्ली में वोट बनवाने के लिए Form 6 भरा और 2 सितंबर तक उनका वोट अप्रूव होकर EPIC जनरेट हो गया।
वहीं, एक आम नागरिक ने 5 अगस्त को Form 6 भरा, लेकिन अब… pic.twitter.com/LUsbjf0fs7
पंजाब वाले वोट के ट्रांसफर पर उठे सवाल
AAP ने इस बात पर भी गहरी आपत्ति जताई है कि राघव चड्ढा पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उनका वहां का वोट दिल्ली कैसे आ गया। ढांडा ने सवाल किया कि क्या दिल्ली में नया वोट बनवाने से पहले राघव चड्ढा का पंजाब वाला वोट 'फॉर्म 8' के जरिए विधिवत ट्रांसफर किया गया था या नहीं?
चुनाव अधिकारी की भूमिका की हो जांच
अनुराग ढांडा ने उस चुनाव अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी संदेह जताया है जिसने चड्ढा का वोट बनाया है। उन्होंने पूछा कि क्या संबंधित अधिकारी ने नया वोट बनाने से पहले इस बात की तस्दीक की थी कि उनका पुराना (पंजाब का) वोट पूरी तरह से डिलीट या ट्रांसफर हो चुका है या नहीं? आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट मांग की है कि चुनाव आयोग इन सभी सवालों के जवाब दे और इस प्रक्रिया को सार्वजनिक करे।
