राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली :

जिस आम आदमी के नाम पर आप सरकार सत्ता में आई, तीन साला जश्न में उसी से दूरी बना ली गई। कार्यक्रम में या तो कार्यकर्ता बुलाए गए थे या भरोसेमंद लोग। ऐसा शायद इसलिए, क्योंकि सरकार को केवल ताली बजाने वाले ही चाहिए थे।

आम आदमी पार्टी सरकार का जब एक साल पूरा हुआ तो कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में जलसा रखा गया था। उसके बाद जैसे-जैसे सरकार के कच्चे चिट्ठे खुलने लगे, सरकार ने आम आदमी से ही दूरी बनानी शुरू कर दी। सरकार जनता के विरोध और थप्पड़ों दोनों से खौफ खाने लगी। यही वजह रही कि सालाना जश्न का स्थान संसद मार्ग पर स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर कर दिया गया। प्रवेश के लिए निमंत्रण पत्र की अनिवार्यता तय कर दी गई।

दर्शकों और श्रोताओं के नाम पर थे विधायक, अधिकारी या फिर पार्टी कार्यकर्ता। इस जश्न में सरकार ने अधूरे कार्यो को भी उपलब्धि की श्रेणी में रखा और उन वादों पर भी तालियां बजवा ली गई जो अभी तक घोषणा पत्र के किसी कोने में दुबका बैठा है।

सवालों के जवाब पर बचती नजर आई सरकार

इस कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने पूछा कि तीन साल में भी स्ट्रीट लाइटों की समस्या दूर नहीं हो पाई। इस पर तीनों नगर निगमों के आयुक्तों को इस सवाल का जवाब देने को कहा गया। पार्किंग का सवाल आया तो इसका जवाब देने के लिए भी निगमायुक्त ही खडे़ कर दिए गए। महिला सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी नहीं लगाए जाने का सवाल उठा तो इसका जवाब मुख्य अभियंता से दिलवाया गया।

फोन पर भी कार्यकर्ताओं ने

ही पूछे सवाल

आप सरकार ने फोन, ट्विटर और ई मेल के जरिये कहने को आम आदमी को एक मौका दिया कि वे सरकार के किसी भी मंत्री से सवाल कर सकते हैं। यहां भी सब कुछ प्रायोजित ही रहा। आम आदमी फोन मिलाते ही रह गए जबकि कार्यकर्ता सवाल- जवाब की औपचारिकता पूरी करते रहे। मेल और ट्विटर पर भी लोगों ने सवाल तो भेज दिए मगर जवाब आने का इंतजार ही करते रहे।

Posted By: Jagran