जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : राजधानी में दिवाली पर कई रंग देखने को मिले। एक ओर जहां अक्षरधाम मंदिर में 1300 व्यंजनों के भोग से रंगोली बनाकर पर्यावरण संरक्षण व शाकाहार को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। वहीं हिन्दू -मुसलमानों ने एक साथ दिवाली मनाकर आपसी एकता का परिचय दिया।

यह सदभावना दिवाली अमीर खुसरो के मजार पर मनाई गई। जिसमें कई स्वयं सेवी संस्थाओं ने हिस्सा लिया। इस सदभावना दिवाली में शामिल संस्था अफ्डोस के महासचिव माज खान ने कहा कि अमीर खुसरो की यही कोशिश रहती थी कि सभी भारतीय आपस में भाई-भाई हैं। उन्होंने कहा कि आज हमें श्री राम जैसे तपस्या और त्याग की जरूरत है। हिन्दू- मुस्लिम एक-दूसरे पर विश्वास करें तभी देश का विकास संभव है।

उधर स्वामी नारायण अक्षरधाम मंदिर में अलग अंदाज में दिवाली मनाई गई। यहां करीब 1300 व्यंजनों को मंदिर के गर्भ गृह में रखा गया। जिसमें मिठाइयां, केक, सलाद, कढी, सब्जियां, शरबत, सूप, आइसक्रीम आदि शामिल थे। ये व्यंजन कुछ मंदिर में बने थे और कुछ श्रद्धालु घर से बनाकर लेकर लाए थे। इन व्यंजनों से गर्भगृह की पूरी जगह भर गई। इसका उद्देश्य शाकाहार को बढ़ावा देना था। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि

मांसाहार से वातावरण को खतरा है।

सर्वोदय एंक्लेव के डी ब्लॉक में गुरुद्वारे के पास आरडब्ल्यूए ने हरित दिवाली मनाई। जहां बच्चों ने आकर्षक रंगोली तैयार की। इसका उद्देश्य बच्चों को पटाखों से दूर रखना था। बच्चों ने भी हरित दिवाली मनाने में काफी रूचि दिखाई।

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