विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सर्जरी से पहले ही हो जाएगा 'ड्राई रन'! 3D तकनीक से डॉक्टर बनाएंगे हड्डी का डिजिटल नक्शा

Published: Fri, 23 Oct 2026 08:26 AM (IST)

थ्रीडी तकनीक से सीटी स्कैन के आधार पर हड्डी का डिजिटल नक्शा बनाकर 'सर्जिकल गाइड' तैयार की जा रही है। ...और पढ़ें

अब 3D तकनीक से मिलेगी 100% सटीक सर्जरी (AI-Image)

अब 3D तकनीक से मिलेगी 100% सटीक सर्जरी (AI-Image)

HighLights

  1. थ्रीडी तकनीक से हड्डी का डिजिटल नक्शा बनाकर सर्जिकल गाइड।

  2. सर्जरी से पहले कट, ड्रिल, इम्प्लांट की जगह तय करना।

  3. घुटने, दांत प्रत्यारोपण और जटिल फ्रैक्चर में उपयोगी।

अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। सर्जरी के लिए हड्डी को कहां काटना है, ड्रिल किस दिशा में करनी है या इम्प्लांट कहां लगाना है, सब कुछ पहले से तय किया जा सकेगा। ऐसा थ्रीडी तकनीक से सीटी स्कैन के आधार पर हड्डी का डिजिटल नक्शा बनाकर किया जा सकेगा।

इससे हड्डी के आकार के अनुसार कठीन सर्जरी की ‘सर्जिकल गाइड’ बनाई जा सकेगी, जिसका ड्राई रन डाक्टर सर्जरी से पहले ही जा सकेंगे कि आपरेशन के दौरान क्या्त-क्या और किस तरह की परेशानी आएगी। यह सर्जिकल गाइड मरीज की हड्डी के अनुसार होती है, जो छेद या निशान, ड्रिल या काटने वाले उपकरण को सही जगह रखने में डाक्टर की मदद करती है। इसका रोबोटिक या नेविगेशन तकनीक के साथ भी उपयोग किया जा सकता है।

सीटी स्कैन से डिजिटल नक्शा

सीटी स्कैन की तस्वीरों को कंप्यूटर साफ्टवेयर से जोड़कर हड्डी का थ्रीडी नक्शा तैयार किया जाता है। इसके जरिए डाक्टर अलग-अलग कोण से देखकर कट की जगह, ड्रिल की दिशा और इम्प्लांट का स्थान तय कर सकते हैं। यहां तक कि जटिल मामलों में इम्प्लांट या स्क्रू की लंबाई, संख्या और आकार को भी पहले से तय किया जा सकेगा।

डाक्टरों के लिए सर्जिकल गाइड

इसमें सर्जरी की योजना के आधार पर डाक्टरों के लिए सर्जिकल गाइड का डिजाइन तैयार होता है। इससे आपरेशटन के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों को पहले समझने में मदद मिलती है।

उपयोग

घुटना, कंधा प्रत्यारोपण, जटिल फ्रैक्चर, हड्डी की विकृति, बड़े दोष और दोबारा होने वाली सर्जरी में यह बेहद उपयोगी है। निदेशक एवं वरिष्ठ सलाहकार, स्पोर्ट्स इंजरी, ज्वाइंट प्रिजर्वेशन एंड रिप्लेसमेंट सर्जरी डा. गौरव प्रकाश भारद्वाज के अनुसार इससे आपरेशन सरल हो गए हैं और मरीज को भी पहले से यह जानकारी रहती है कि उसके शरीर में सर्जरी के दौरान क्या और कैसे होगा।

दांतों के इम्प्लांट में भी उपयोगी

डेंटल विशेषज्ञ व नेशनल डेंटल कमीशन की डेंटल एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य डा. विवेक कुमार के अनुसार दांतों के इम्प्लांट में थ्रीडी तकनीक से दांत और जबड़े की संरचना समझकर इम्प्लांट की सही जगह और दिशा तय करने में मदद मिलती है। जटिल मामलों में विशेष इम्प्लांट की योजना भी बन सकती है। गाइड को रोबोटिक या नेविगेशन तकनीक के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।