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दिल्ली के कब सुधरेंगे हालात? बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर रोक रहे रास्ता; हादसों का भी बना रहता है खतरा

Published: Fri, 23 Jan 2026 03:15 PM (IST)

दिल्ली में 25 बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर सड़कों पर बाधा बन रहे हैं, जिससे आवागमन में परेशानी और दुर्घटना ...और पढ़ें

दिल्ली में सड़कों पर खंभे होने से हादसों का खतरा रहता है। जागरण

दिल्ली में सड़कों पर खंभे होने से हादसों का खतरा रहता है। जागरण

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वी के शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली में प्रमुख खड़कों पर 25 बिजली के खंभे और कई ट्रांसफार्मर आम जनता का रास्ता रोक रहे हैं, ये केवल एक इलाके में नहीं हैं, बल्कि दिल्ली भर में हैं और जनता इनसे परेशान है।

कहीं ये बीच सड़क पर हैं तो कहीं ये सड़क के किनारे हैं और सड़कों को संकरा कर दे रहे हैं। कई जगह बिजली के खंभे ऐसे स्थानों पर हैं, जहां लोगों को आवागमन में दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। मगर इन्हें हटाने की गति बहुत धीमी है।

वहीं, इसे लेकर लोक निर्माण विभाग ने इन्हें हटाने के लिए अलग-अलग समय में बिजली वितरण कंपनियों के साथ मौके का सर्वेक्षण किया है, इन्हें हटाने पर हो रही देरी पर बिजली विभाग को पत्र लिखे हैं।

मगर उपयुक्त जगह उपलब्ध न होने और सरकारी हीलाहवाली के चलते ये अभी तक नहीं हट पाए हैं। बिजली के खंभों को लेकर जहां ज्यादा समस्या आ रही है कुल 25 बाधाएं हैं। उनमें बचे हुए 25 में से 15 छतरपुर के एसएसएन मार्ग पर हैं, दो अरबिंदो मार्ग पर और तीन नजफगढ़ मुख्य सड़क पर हैं।

वहीं, नौ ऐसे खंभों/ट्रांसफार्मरों को स्थानांतरित भी कर किया गया है, इनमें लक्ष्मी नगर में पुस्ता रोड, वजीराबाद पर पुस्ता रोड, दिलशाद गार्डन में जेएंडके पाकेट रोड और मयूर विहार फेज-1 में पीपीजी रोड शामिल हैं।

ये सभी सड़कें पीडब्ल्यूडी के अधीन आती हैं, जो दिल्ली की 60 फीट चौड़ी या उससे अधिक सड़कों का रखरखाव करता है। नजफगढ़ के लिए, पीडब्ल्यूडी को मौके पर सर्वेक्षण के लिए एक पत्र लिखा गया है।

अरबिंदो मार्ग पर निरीक्षण पहले ही पूरा हो चुका था, हालांकि, ट्रांसफार्मरों को स्थानांतरित करने के लिए कोई जगह नहीं पहचानी जा सकी है। इसी तरह एसएसएन मार्ग पर मौके पर निरीक्षण पूरा हो गया था, लेकिन अभी तक कोई वैकल्पिक जगह नहीं मिली है।

पूर्वी दिल्ली में, बाधाओं को स्थानांतरित करने के लिए वैकल्पिक जगह की कमी एक मुद्दा है। पीडब्ल्यूडी अभी तक जमीन उपलब्ध नहीं करा पाया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 2019-20 में पूर्वी बाबरपुर में यातायात में बाधा बन रहे एक ट्रांसफर्मर को चिह्नित किया था, जिसे अभी तक स्थानांतरित किया जाना बाकी है।

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बता दें कि डिस्कॉम बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) के पास 7,596 ट्रांसफार्मर हैं। बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) के पास 2,122 ट्रांसफार्मर हैं। वहीं टाटा पावर डीडीएल के अधिकार क्षेत्र में 24,986 ट्रांसफार्मर हैं।