नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण को देखते हुए निर्माण कार्यों पर आगामी आदेश तक रोक लगा दी है।पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर कहा कि दिल्ली में मालवाहक ट्रकों का प्रवेश सात दिसंबर तक बंद रहेगा। आवश्यक वस्तु वाले एवं सीएनजी-इलेक्ट्रिक ट्रक दिल्ली आ सकते हैं। इसके साथ ही रेड लाइट आन गाड़ी आफ अभियान का तीसरा चरण 18 दिसंबर तक चलेगा। सरकारी कर्मचारियों के वर्क फ्राम होम को खत्म कर दफ्तरों को खोल दिया गया है।

गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण के हालात को लेकर सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ आज समीक्षा बैठक की है। इसमें विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण के स्तर के आगे भी बहुत खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि बारिश हो सकती है, ऐसा होता है तो प्रदूषण में तब्दीली हो सकती है। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आज निर्णय लिया गया है कि दिल्ली के अंदर निर्माण और तोड़फोड़ के कार्य आगामी आदेश तक बंद रहेंगे।हालांकि इसके अंदर इलेक्ट्रिक वर्क, इंटीरियर डेकोरेशन, प्लंबरिंग, कार्पेंटर का काम जारी रहेगा।

इन कालोनियों से लगाई गई हैं बसें

इसके साथ सरकारी कर्मचारियों के वर्क फ्राम होम को खत्म कर दफ्तरों को खोल दिया है। ऐसे में कर्मचारी आज से दफ्तर आ रहे हैं। प्रमुख कालोनियों में जहां पर कर्मचारी ज्यादा संख्या में रहते हैं, वहां से विशेष बस सुविधा शुरू की है।

दिल्ली के अंदर आज से 14 मुख्य कालोनियों गुलाबी बाग, मयूर विहार फेस-दो मोतिया खान, शालीमार बाग ब्लाक- ए, तिमारपुर, हरी नगर, सेक्टर 3 द्वारका, निमडी कालोनी, अशोक विहार,सेक्टर- 11 रोहिणी, कड़कड़डूमा, माडल टाउन फेस-एक, विकास पुरी, पश्चिम विहार और वसंत कुंज आदि 14 कालोनियों से बस सुविधा शुरू की गई है। जिससे कि वह दफ्तर में आकर काम कर सकें और वाहन प्रदूषण को भी कम करने में मदद कर सकें। इन कालोनियों से बस सुबह आठ बजे चलेगी जो कि सचिवालय आएगी और शाम को पांच बजे से उनके घर छोड़ेगी।

कूड़ा जलाने वालों पर जुर्माना

गोपाल राय ने कहा कि खुले में कूड़ा जलाने के खिलाफ कार्रवाई का अभियान दिल्ली के अंदर जारी रहेगा। अभी तक इस अभियान के तहत 8480 स्थलों का टीमों ने निरीक्षण किया है। जिसमें लगभग एक हजार जगहों पर नियमों का उल्लंघन पाया गया था। नियम उल्लंघन करने वाली एजेंसी, संस्थाओं और लोगों पर 28.76 लाख का जुर्माना लगाया गया है। अभी तक अक्टूबर और नवंबर में 18 लाख पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं।

इन दो माह में 14 हजार वाहन चालकों को बिना पीयूसी सर्टिफिकेट के नियम उल्लंघन करते पकड़ा गया, जिनके ऊपर 10-10 हजार रुपये का चालान किया गया है। अभी तक अभियान के जरिए 30 लाख लोगों को एसएमएस भेजा गया है कि वाहन का पीयूसी बनवा लें। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं पर चोरी छिपे नियम उल्लंघन कर निर्माण कार्य चल रहा है, ट्रकों का प्रवेश हो रहा है, कोई आग जला रहा है तो इसकी सूचना ग्रीन दिल्ली ऐप के माध्यम से दे सकते हैं। जिसके आधार पर हम कार्रवाई करेंगे।

Edited By: Mangal Yadav