नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में शिक्षक संघ के चुनाव अगामी शुक्रवार को होंगे। अध्यक्ष समेत कार्यकारिणी के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। नामांकन के बाद शुक्रवार को नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) के अध्यक्ष एवं डूटा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार प्रो. ए के भागी ने कहा कि नई शिक्षा नीति लागू होने से पहले डीयू में शिक्षकों का नियमितीकरण होना चाहिए। उन्होने बताया कि पदोन्नति के बाद नियमितीकरण एनडीटीएफ की पहली प्राथमिकता है।

एक साल के अंदर 5000 से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति हुई

भागी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में पहली बार एक साल के अंदर 5000 से अधिक शिक्षकों की पदोन्नति हुई है, और कालेज स्तर पर भी प्रोफेसर बने हैं। यह संगठन के दृढ़ संकल्प का ही परिणाम था कि विश्वविद्यालय में अकर्मण्यता के कारण कुलपति तक को हटाया गया।

विश्वविद्यालय में बदलाव की प्रक्रिया निरतंर जारी रहेगी

प्रो.भागी ने कहा कि विश्वविद्यालय में बदलाव की यह प्रक्रिया निरतंर जारी रहेगी। डूटा चुनाव में यदि जीत मिलती है तो तदर्थ शिक्षकों का नियमितीकरण/समायोजन पहली प्राथमिकता होगी, और उसके लिए आवश्यक ऑर्डिनेंस लाने जैसे विकल्प अपनाने की जरूरत पड़ी तो प्रयास किया जाएगा। आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के अंतर्गत नए पदों के सृजन की दिशा में कार्य करने की भी बात कही।

दलगत राजनीति नहीं चलेगी

प्रो. भागी ने कहा कि विवि में हुई पदोन्नति की प्रक्रिया ने साफ कर दिया है कि अब दलगत राजनीति नहीं चलेगी। शिक्षकों के लिए चाहे दिल्ली सरकार हो या केंद्र सरकार सभी स्तर पर संवाद और आवश्यकता पड़ने पर संघर्ष भी किया जाएगा। प्रो.भागी ने दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को विश्वस्तरीय बनाने में डूटा के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि अब हम सभी सहभागी एकजुट होकर विश्वविद्यालय के लिए काम करेंगे।

Edited By: Prateek Kumar