नई दिल्ली [स्वदेश कुमार]। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा सार्वजनिक रूप से छठ मनाने की अनुमति देने के बाद राजनैतिक दल भले ही श्रेय लेने लगे हैं लेकिन इस पूजा से जुड़ी समितियों ने खुशी जाहिर की है। हालांकि तैयारी के लिए कम समय मिलने का उन्हें मलाल है। राजधानी की छठ पूजा समितियों ने बृहस्पतिवार से तैयारियां भी शुरू करने का एलान कर दिया है। पूर्वांचल के इस महत्वपूर्ण पर्व के लिए घाट की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को पूरा करने का दारोमदार इन्हीं समितियों पर रहेगा। बता दें कि आठ नवंबर को नहाय-खाय के साथ इस पर्व की शुरुआत हो जाएगी। 10 नवंबर को डूबते सूर्य को व्रतियों द्वारा अर्घ्य दिया जाएगा। इससे पहले घाटों की साफ-सफाई करनी होगी। इसके साथ जहां पानी नहीं है, वहां इसकी व्यवस्था के साथ जिला प्रशासन से अनुमति भी लेनी होगी।

फैसले के बाद पूजा समितियों ने एलान किया है कि कोरोना नियमों का पालन करते हुए इस पर्व को धूमधाम से मनाया जाएगा। रोहिणी सेक्टर 16 में छठ पूजा का आयोजन करने वाले इंद्रप्रस्थ मैथिली मंच के अध्यक्ष अमोघ झा ने कहा कि अनुमति मिलने से हम सभी बहुत खुश हैं। हालांकि, तैयारी करने के लिए वक्त थोड़ा कम है, लेकिन इस बात की तसल्ली है कि अब अपने परिवार के साथ दिल्ली में ही छठ पूजा कर सकेंगे। क्योंकि आयोजन की अनुमति नहीं मिलने पर लोगों को बिहार या उप्र जाना पड़ता और परिवार के सभी सदस्य इस पूजा में शामिल नहीं हो पाते। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यह आस्था का पर्व है। कुतुब विहार में पूर्वांचल समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर छह महापर्व के आयोजन को मंजूरी दिए जाने का हम सभी स्वागत करते हैं। आयोजन समिति के पदाधिकारी व महापर्व में सम्मिलित होने वाले व्रती व इनसे जुड़े लोग शारीरिक दूरी और मास्क का हर हाल में पालन करेंगे।

प्रमुख समितियों की प्रतिक्रिया

यह अच्छी बात है कि पूर्वांचल के लोगों की आस्था को समझते हुए यह मंजूरी दी गई। इसे पहले ही दिया जाना चाहिए था। खैर, देर आए, दुरुस्त आए। अब अनुमति मिलने के बाद आयोजन को लेकर हम सभी तत्पर और उत्साहित हैं। लोग लंबे समय से इस पल का इंतजार कर रहे थे लेकिन अब यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम कोरोना नियमों का अच्छी तरह से पालन करते हुए पर्व को मनाएं।

डा. श्रवण कुमार झा, अध्यक्ष, मिथिला संस्कृति व कला मंच, बुध विहार।

इस फैसले से राहत मिली है। हालांकि, तैयारियों के लिए काफी कम वक्त मिला है। वैसे अनुमति के इंतजार के साथ मंगलवार से घाट की साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को घाट पर ही समिति के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें तैयारियों की रूपरेखा तय की जाएगी। पिछले वर्ष कोरोना के चलते सार्वजनिक आयोजन नहीं था, लाेगों ने घरों में पूजा की थी।

शिवा राम पांडेय, अध्यक्ष, आइटीओ छठ पूजा समिति

सार्वजनिक स्थलों पर छठ महापर्व के आयोजन को मंजूरी दिया जाना एक स्वागत योग्य कदम है। इसे मंजूरी पहले ही मिल जानी चाहिए थी। सरकारी एजेंसियों को यह समझना चाहिए कि लोक आस्था से जुड़े इस महापर्व में अनुशासन का बड़ा महत्व है। अब इस अनुशासन में कोरोना महामारी से बचाव के लिए जरूरी शारीरिक दूरी का पालन व अन्य सतर्कताएं भी शामिल हो चुकी हैं।

नवीन झा, महासचिव, पूर्वांचल छठ पूजा समिति, मोहन गार्डन

पूर्वांचल के लोगों की भावना का सम्मान रखा गया, इसके लिए हम डीडीएमए के आभारी हैं। बुधवार से हम लोग तैयारियों में जुट जाएंगे। समय कम पर है पर आस्था पूरी है। इसलिए उम्मीद है कि तय समय तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। अनुमति दिलाने के लिए हमारी समिति काफी समय से प्रयासरत थी। इसमें जिन-जिन लोगों और संस्थाओं ने सहयोग दिया, उनके लिए हम आभारी हैं।

सुनील झा, संस्थापक पुरानी सीमापुरी छठ महापर्व आयोजन समिति

Edited By: Prateek Kumar