नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। हर्बल हुक्का पर प्रतिबंध के खिलाफ जारी याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा कि रेस्त्रां-बार को प्रताड़ित न करें और परिसर के बाहर पार्क अपने वाहन को हटाएं। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की ने कहा कि पुलिस रेस्त्रां और बार में अचानक जांच के लिए जा सकती है कि हुक्का परोसा जा रहा है या नहीं। लेकिन, पुलिस कर्मियों को वहां तैनात नहीं कर सकती क्योंकि इससे ग्राहक प्रभावित होंगे।

पीठ ने इस दौरान दिल्ली सरकार के उस बयान को रिकार्ड पर लिया कि परिसर के बाहर वाहन पार्क नहीं करेंगे। सुनवाई के दौरान पीठ को बताया गया कि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के तीन अगस्त 2020 को हर्बल हुक्का पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए जारी रखने का फैसला लिया है। इस संबंध में अधिकारियों द्वारा 14 अक्टूबर को ताजा आदेश पारित किया गया था। इसमें कहा गया है कि हुक्का के उपयोग पर प्रतिबंध अगले आदेश तक लागू रहेगा।

हालांकि, पीठ ने बहस्पतिवार को एक बार फिर दिल्ली सरकार से इस संबंध में पोच दिन के अंदर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि अगर सरकार को लगता है कि प्रतिबंध अनिवार्य तो इस संबंध में हलफनामा दायर किया जाए। मामले में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि अधिकारियों ने 14 अक्टूबर का आदेश इस अनुमान पर पारित किया है कि हुक्का बंद जगहों पर और साझा करके परोसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता शपथ पत्र देने को तैयार है कि वे इसे केवल खुली जगह में परोसेंगे और हुक्का में डिस्पोजेबल पाइप का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संचालकों को परेशान करने के लिए पुलिस ने परिसर के बाहर अपने वाहन पार्क किए हैं और इसके कारणबहुत कम ग्राहक वहां प्रवेश कर रहे हैं। इसका व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और वे आजीविका कमाने में सक्षम नहीं हो रहे हैं।

Edited By: Prateek Kumar