नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। "रेड लाइट आन, गाड़ी आफ" अभियान को गति देने के लिए दिल्ली के विधायक बृहस्पतिवार को चंदगी राम अखाड़ा चौराहे पर एकत्रित होकर वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम करने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि किसी भी सरकारी पहल की सफलता के लिए जन भागीदारी महत्वपूर्ण है और अगर दिल्ली के दो करोड़ लोग जिम्मेदारी से योगदान दें तो वाहन प्रदूषण को 15 से 20 फीसद तक कम किया जा सकता है।

राय ने बुधवार को टवीट कर कहा, "21 अक्टूबर (बृहस्पतिवार) को दिल्ली के सभी विधायक रिंग रोड पर चंदगी राम अखाड़े के पास 'रेड लाइट आन, गाड़ी आफ' अभियान के बारे में जागरूकता फैलाएंगे। वे जनता से अभियान में योगदान देने की अपील करेंगे। मेरा अनुरोध है दिल्ली के लोग प्रदूषण के खिलाफ हमारी लड़ाई को मजबूत करने के लिए आगे आएं। ”

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कटौती करने के उद्देश्य से सोमवार को उक्त अभियान शुरू किया था। यह अभियान एक माह यानी 18 नवंबर तक चलेगा। अभियान के लिए राजधानी के 100 चौराहों पर सुबह आठ से दोपहर दो बजे और दोपहर दो से रात आठ बजे की दो पालियों में 2,500 सिविल डिफेंस वालंटियर को तैनात किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने पर 3.07 करोड़ का जुर्माना

वहीं, दिल्ली एनसीआर में बढ़ रहे प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अभी तक 3.07 करोड़ रुपए का जुर्माना किया जा चुका है। केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने प्रदूषण स्तर में कमी के लिए टीमों को तैनात किया है। इन टीमों ने अब तक 6,596 से अधिक निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण कर 963 साइटों पर नियमों का उल्लंघन पाया। इन पर अभी तक 3.07 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही 52 स्थानों पर काम रोकने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक बीते 15 दिनों में 112 टीमों में से दिल्ली में 37, हरियाणा में 30, राजस्थान में 20 और उत्तर प्रदेश के आठ एनसीआर जिलों में 25 टीमें निर्माण स्थलों के आन-फील्ड औचक निरीक्षण करने के लिए गठित और तैनात की गई थीं। इस दौरान 1268 स्थलों का निरीक्षण किया गया। दिल्ली में 1017 निर्माण स्थलों में से हरियाणा में 98, राजस्थान के एनसीआर जिलों में 89 और उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में 64 स्थल हैं। 

दिल्ली में निरीक्षण के दौरान 1017 स्थलों में 305 जगहों पर प्रदूषण का स्तर ज्यादा पाया गया। प्रदूषण को लेकर फील्ड निरीक्षण के दौरान कुल 60 वाहन निर्धारित धूल शमन मानदंडों का उल्लंघन करते हुए पाए गए।  

Edited By: Mangal Yadav