नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। इस स्वतंत्रता दिवस पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन कर राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करने की तैयारी की है। इसके लिए 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 तक के शहीदों को नमन किया जाएगा। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुताबिक, इस काल खंड में दो करोड़ 72 लाख से अधिक लोगों ने बलिदान दिया है, इनमें से अधिकांश लोगों से लोग परिचित नहीं है। इसलिए यह अभियान चलाने की जरूरत पड़ी है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संगठन संयोजक गिरीश जुयाल ने बताया कि ये आजादी किसी एक की बदौलत नहीं मिली बल्कि करोड़ों लोगों के बलिदान से मिली जो सभी धर्म, क्षेत्र, भाषा व वर्ग से थे। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से ज्यादातर को इतिहास में भी जगह नहीं मिली, क्योंकि इतिहास अंग्रेज या उनके विचारों में पले बढ़े लोगों ने लिखी है।

उन्होंने बताया कि ऐसे गुमनाम शहीदों को तलाशने तथा उनके नाम पर कार्यक्रम करने का अभियान पिछले 10 वर्ष से चल रहा है। शहीदों को तलाशने में स्थानीय जानकारों से मदद ली जा रही है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान व उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में 15 अगस्त पर शहीदों को याद किया जाएगा। उनके घरों पर जाकर उनके परिजनों को धन्यवाद दिया जाएगा। उनके घर के आंगन की मिट्टी लेकर उसे माथे पर लगाया जाएगा। इसके साथ ही शहीदों के नाम पर पौधरोपण करने के साथ अन्य कार्यक्रम आयोजित होंगे।

मस्जिद, मदरसों में होगा झंडारोहण

मंच की तरफ से आगामी 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर देश भर में मस्जिद, मदरसों और अन्य धार्मिक स्थलों में झंडारोहण की तैयारी की गई है। मुस्लिम बस्तियों में झंडारोहण के साथ राष्ट्रभक्ति के गीत गाए जाएंगे। गिरीश जुयाल ने बताया कि 15 अगस्त पर स्थानीय स्तर पर आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर लोगों से झंडारोहण कराएंगे।

 

Edited By: Jp Yadav