नई दिल्ली [सुशील गंभीर]। दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस तिहाड़ जेल से ये गिरफ्तारी दिखाई है। बता दें कि शनिवार को ही तीस हजारी कोर्ट ने सिद्धू को जमानत दी थी। लेकिन इसके जेल से बाहर निकलने से पहले ही क्राइम ब्रांच ने पुरातत्व विभाग की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर के मामले में सिद्धू को गिरफ्तार कर लिया।

इससे पहले 26 जनवरी को दिल्ली में किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किला पर हुई हिंसा में मुख्य आरोपित दीप सिद्धू को तीस हजारी कोर्ट ने शनिवार को जमानत दे दी है। आरोपित दीप सिद्धू जमानत याचिका पर दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने पिछली सुनवाई में फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पर शनिवार को कोर्ट ने दीप सिद्धू की जमानत मंजूर करने का फैसला सुनाया। दीप सिद्धू को तीस हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है। इसी के साथ अदालत ने दीप पर कई तरह की पाबंदी भी लगाई है, लेकिन उसे अपना पासपोर्ट जांच अधिकारी के हवाले करना होगा। हर माह की पहली और 15 तारीख को या जब भी जांच अधिकारी बुलाएं तो पेश होना होगा। उसे हर समय अपना मोबाइल फोन लोकेशन शेयर डिवाइस के साथ स्विच ऑन रखना होगा। किसी गवाह या साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करनी है।

इससे पहले 8 अप्रैल को कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दीप सिद्धू ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया था। यहां तक उसने यह भी कहा था कि दिल्ली पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि उसने हिंसा फैलाई या फिर हिंसा को प्रोत्साहित किया था।

कोर्ट में दीप सिद्धू की दलील

किसान ट्रैक्टर परेड के दौरान 26 जनवरी को हुई हिंसा के मुख्य आरोपित ने तीस हजारी अदालत में अपने बचाव में कुछ दलीलें पेश की थी। इसमें दीप सिद्धू के वकील ने कोर्ट में कहा था कि लाल किसा हिंसा को लेकर उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस के पास कोई सबूत नहीं है। उसने यह भी दावा किया था कि उसने हिंसा के लिए लोगों को नहीं भड़काया। उसने यह भी कहा था कि किसान ट्रैक्टर परेड के लिए किसान नेताओं द्वारा आह्वान किया गया था। वकील के जरिये दीप सिद्धू ने यहां तक कहा था कि वह तो किसान यूनियन का सदस्य भी नहीं है। 

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