नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली-एनसीआर के लाखों की लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो में अक्सर तकनीकी खामियां आती रहती हैं। ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन की एक लिफ्ट भी तकनीकी खराबी के कारण बृहस्पतिवार की शाम बीच में रुक गई। इससे उसमें फंसे यात्रियों के होश उड़ गए। यात्रियों ने फोन कर इसकी सूचना मेट्रो कर्मियों को दी, लेकिन मेट्रो का दरवाजा खोलने में उन्हें करीब सात मिनट लग गए। इस दौरान हवा की कमी के कारण यात्रियों की सांसे उखड़ने लगी और शरीर ने काम करना बंद कर दिया था, लेकिन इसी बीच लिफ्ट का दरवाजा खुल गया। बाहर निकलने के बाद भी 15 मिनट तक यात्री बदहवास रहे।

जागरण संवाददाता से मिली जानकारी के मुताबिक, लिफ्ट में फंसे एक यात्री योगाचार्य हैं। पतंजलि योगपीठ से जुड़े डॉ. अनिल छत्तरपुर इलाके में रहते हैं। वह लोगों को योग और एक्यूप्रेशर का प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने बताया कि वे जोर बाग जाने के लिए बृहस्पतिवार शाम करीब सवा पांच बजे ग्रीन पार्क मेट्रो स्टेशन पहुंचे थे। मेट्रो स्टेशन पर जाने के लिए वे लिफ्ट संख्या-तीन में प्रवेश कर गए। उनके साथ 50 वर्षीय ममता नाम की एक महिला भी थीं। जैसे ही लिफ्ट चली हिचकोला खाने लगी और रुक गई। काफी प्रयास के बाद जब लिफ्ट नहीं चली तो दोनों परेशान हो गए। तुरंत उन्होंने लिफ्ट में लगे अलार्म बटन को दबाया और मेट्रो कर्मियों को जानकारी दी। मेट्रो कर्मी वहां पहुंच तो गए, लेकिन तुरंत लिफ्ट का दरवाजा खोलने में असफल रहे।

डॉ. अनिल के मुताबिक, लिफ्ट में हवा की कमी के कारण वह कांपने लगे और बचाव-बचाव चिल्लाने लगे। इसके बाद उनकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया। मेट्रो कर्मी करीब सात मिनट बाद लिफ्ट का दरवाजा खोलने में कामयाब हुए तो उनकी जान में जान आई। उधर, मेट्रो के प्रवक्ता ने बताया कि लिफ्ट में सामान्य तकनीकी खराबी आई थी। उनका दावा है कि करीब तीन मिनट के अंदर ही यात्रियों को लिफ्ट से बाहर निकाल लिया गया था।

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