नई दिल्ली, जेएनएन। पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू आखिरकार गणतंत्र दिवस की गरिमा को तार-तार करने व दिल्ली में हिंसा कराने में कामयाब हो गया। एक दिन पहले 25 जनवरी को उसने मंच से इसका एलान तक कर दिया था। लाल किले पर उत्पात के दौरान भी उसने वीडियो शेयर कर अपनी उपस्थिति भी दर्ज कराई थी। 25 जनवरी की रात उसने संयुक्त किसान मोर्चा के मंच से भिंडरावाले को संत बताया था। संयुक्त किसान मोर्चा से इतर किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने बैरिकेड तोड़कर दिल्ली में घुसने का एलान किया था। दीप सिद्धू सोमवार देर रात संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को भी बैरिकेड तोड़कर दिल्ली में घुसने की अपील कर रहा था। उसने कहा था, ‘आज सोने की रात नहीं है। खाना खाने की रात नहीं है। रास्ते में खिला देंगे। जो होना है वो तो होकर रहेगा।’

किसान नेता और दीप सिद्धू आमने-सामने

अब किसान नेता और दीप सिद्धू आमने सामने आ गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के प्रधान कुलवंत सिंह पन्नू, महासचिव सरवण सिंह पंधेर के साथ अभिनेता दीप सिद्धू को उपद्रव के लिए जिम्मेदार ठहराया है। संयुक्त मोर्चा के नेता व भाकियू (राजेवाल) के प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल के अनुसार संयुक्त मोर्चा ने इन सभी से अपना नाता तोड़ लिया है। सवाल उठ रहा है कि जब किसान नेता जानते थे कि दीप सिद्धू युवाओं को भड़का रहा है तो उसे बाहर का रास्ता क्यों नहीं दिखाया गया। जब कहा जा रहा था कि कुछ खालिस्तान समर्थक और नक्सली आंदोलन में घुसपैठ कर चुके हैं तो मोर्चा के नेता चुप क्यों रहे। जानकारों का कहना है कि दीप सिद्धू के युवाओं के जुटाने के कारण ही उसे आंदोलन से नहीं हटाया गया। वहीं, दीप सिद्धू ने फेसबुक पर लाइव होकर कहा कि किसान नेता कह रहे हैं कि सिद्धू के कारण ¨हसा हुई है तो इन नेताओं को पंजाब लौट जाना चाहिए। अगर किसान मेरे कहने पर ही दिल्ली में काम कर रहे हैं तो केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठकें करने वाले किसान नेता यहां क्या रहे हैं।

कौन है दीप सिद्धू

बठिंडा जिले के गांव बहमन दीवाना का रहने वाले दीप सिद्धू ने पुणे से वकालत की डिग्री ली। एकता कपूर व सनी देओल के वकील के तौर पर काम किया। बाद में फिल्मों में भी किस्मत आजमाई। कोरोना के कारण सिनेमा और फिल्में बननी बंद हुईं तो इसी दौरान किसान संघर्ष की शुरुआत हो गई। वह भी किसान संघर्ष में शामिल हुआ। इस दौरान वह गैंगस्टर लक्खा सिधाना के नजदीक आ गया। दीप सिद्धू के पिता लुधियाना में एडवोकेट थे। उनका एक भाई लुधियाना में एडवोकेट है, जबकि एक कनाडा में रहता है।

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