नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर आंदोलनरत किसान गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड निकालने के बाद एक फरवरी को संसद तक पैदल मार्च करेंगे। किसान आंदोलन की अगुआई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने सोमवार का इसका एलान किया है। हालांकि पैदल मार्च की रूपरेखा अभी तय नहीं हुई है, लेकिन अगले एक-दो दिन में इस बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। केंद्र सरकार ने आंदोलनरत किसानों के समक्ष तीनों कृषि कानूनों को 18 माह तक के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसे नामंजूर करते हुए किसान संगठन इन कानूनों को रद करवाने की जिद पर अड़े हैं।

ऐसे में माना जा रहा है कि केंद्र सरकार पर दबाब बनाने की रणनीति के तहत ट्रैक्टर परेड के बाद अब संसद मार्च की घोषणा की गई है। सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य दर्शनपाल ने कहा कि एक फरवरी को किसान विभिन्न हिस्सों से पैदल मार्च करते हुए संसद तक पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए जितने किसान आए हुए हैं उन सभी को लौटकर सिंघु बार्डर पर आने को कहा गया है। बाहर से आने वाला कोई किसान वापस नहीं जाएगा। मांगें मानने तक सब किसान यहीं धरने में शामिल रहेंगे। सभी किसानों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। जीटी रोड के अलावा कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर भी किसानों के रहने की व्यवस्था की गई है।

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