नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। ओबीसी सर्टिफिकेट को समय पर और नियम के मुताबिक जमा नहीं करने पर दिल्ली विश्वविद्यालय ने कई छात्रों का दाखिला रद कर दिया। ऐसे छात्रों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन यह संख्या करीब 40 बताई जा रही है। इस मामले में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी)आयोग में 25 जनवरी को सुनवाई होगी। आयोग ने डीयू के कुलपति, रजिस्ट्रार, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर तथा लॉ फैकल्टी के डीन को प्रस्तुत होने के लिए नोटिस भेजा है।

याचिकाकर्ता डीयू में लॉ के द्वितीय वर्ष के छात्र विवेक राज ने बताया कि डीयू ने नियमों की अवहेलना की है। दाखिले के समय छात्रों को 31 मार्च 2020 के बाद जारी ओबीसी सíटफिकेट जमा करने के निर्देश थे, लेकिन लाकडाउन लगने की वजह से सर्टिफिकेट बनवाने में दिक्कतें आई। छात्रों ने 31 मार्च के पहले का ओबीसी सर्टिफिकेट जमा कर दिया।

कई छात्रों ने 12 मार्च या उसके बाद की तिथि में जारी सर्टिफिकेट जमा किया। इसे डीयू ने नियम के मुताबिक नहीं मानते हुए दाखिला रद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मामला राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग पहुंचा तो आयोग ने डीयू के उच्च पदस्थ अधिकारियों को नोटिस भेजा है।

जेएनयू कुलपति का कार्यकाल बढ़ाया गया

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के कुलपति डॉ. एम जगदेश कुमार का कार्यकाल बढ़ा दिया गया है। नए कुलपति की नियुक्ति होने तक एम जगदेश कुमार ही कुलपति बने रहेंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने पिछले साल अक्टूबर में विज्ञापन दिया था कि अकादमिक तथा प्रशासक की जिम्मेदारी संभालने के योग्य व्यक्ति को कुलपति नियुक्त किया जाएगा। हालांकि, नियुक्ति प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। ऐसे में शिक्षा मंत्रालय के अवर सचिव पी के सिंह ने कहा है कि डॉ. एम जगदेश कुमार का पांच साल का कार्यकाल 26 जनवरी को खत्म हो जाएगा। वह अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद भी, नए वीसी की नियुक्ति तक पद पर बने रहेंगे।

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