नई दिल्ली [अरविंद कुमार द्विवेदी]। देश के नामी भजन गायकों में शुमार नरेंद्र चंचल का शुक्रवार को दिल्ली के अस्पताल में निधन हो गया। वह पिछले कई महीनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे और उनका दिल्ली के सरिता विहार में स्थित अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा था। अस्पताल प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 12.30 पर उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी है कि गायक नरेंद्र चंचल  27 नवंबर से अपोलो अस्पताल में भर्ती थे। उनके ब्रेन में क्लॉटिंग थी। शुक्रवार दोपहर उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। पंजाबी दलेर मेहंदी के साथ-साथ मुंबई फिल्म इंडस्ड्री से जुड़े कलाकारों ने भी उनके निधन पर शोक जताया है। 

कई दशकों तक अपने माता के भजनों के जरिये लाखों लोगों को भक्तिमय दुनिया में ले जाने वाले नरेंद्र चंचल अपने पीछे दो बेटे औऱ एक बेटी छोड़ गए हैं। अमृतसर (पंजाब) में 16 अक्टूबर, 1940 को जन्मे नरेंद्र चंचल दिल्ली आकर बसे और यहीं के होकर रह गए। उन्होंने देश के साथ विदेशोें में अपने भजनों के जरिये नाम कमाया।

माता के भजनों के लिए एकमात्र नाम थे नरेंद्र चंचल

हिंदी फिल्मों में भी कई मशहूर गीतों को अपनी आवाज देने वाले नरेंद्र चंचल को माता के भजनों के लिए ही जाना जाता है। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में उनका बड़ा नाम था। 

हिंदी फिल्मों में भी गाए गाने

नरेंद्र चंचल की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अमिताभ बच्चन से लेकर शोमैन राजकूपर की फिल्मों के लिए भी गाने गाए। अमिताभ बच्चन अभिनीत 'बेनाम' फिल्म में गाया गाना आज भी लोग खूब पसंद करते हैं। इस फिल्म के गाने में नरेंद्र चंचल भी नजर आए थे।

यारा ओ यारा, इश्क ने मारा

हो गया मैं तो तुझमें तमाम

दे रहें सब मुझे तेरा नाम, मैं बेनाम हो गया ..

तेरी अदायें, तेरा ही जलवा

कैसी ये कलियाँ, कैसी बहार

अब दिल तो मेरा तेरा नगर है

ये मेरी अँखियाँ हैं तेरे द्वार

अब मैं कहाँ हूँ, सब तू ही तू है

मेरा मन, मेरा तन, मेरा नाम

मैं बेनाम हो गया ..

काजल धुल जाये आंसू से और रंग धुले पानी से

रंग चढ़ाया मैंने मिलकर उस दिलबर जानी से

सूरत मेरी रूप है उसका

बन गया बन गया मेरा काम

मैं बेनाम हो गया।

वहीं, राजेश खन्ना और शबाना आजमी अभिनीत फिल्म 'अवतार' में महेंद्र कपूर और आशा भोंसले के साथ नरेंद्र चंचल का चलो बुलाया आया है गीत सबसे मशूहर माता की भेंटों में शु्मार है।

माता जिनको याद करे, वो लोग निराले होते हैं।

माता जिनका नाम पुकारे, किस्मत वाले होतें हैं।।

चलो भुलावा आया है, माता ने बुलाया है।

ऊँचे परबत पर रानी माँ ने दरबार लगाया है।।

सारे जग मे एक ठिकाना, सारे गम के मारो का,

रास्ता देख रही है माता, अपने आख के तारों का।

मस्त हवाओं का एक झोखा यह संदेसा लाया है।।

जय माता की कहते जाओ, आने जाने वालो को,

चलते जाओ तुम मत देखो अपने पो के षालों को।

जिस ने जितना दरद सहा है, उतना चैन भी पाया है।।

वैष्णो देवी के मन्दिर मे, लोग मुरदे पाते है,

रोते रोते आते है, हस्ते हस्ते जाते है।

मे भी मांग के देखूं, जिस ने जो माँगा वो पाया है।।

मे तो भी एक मां हूं माता,

माँ ही माँ को पहचाने।

बेटे का दुःख क्या होता है, और कोई यह क्या जाने।

उस का खून मे देखूं कैसे, जिस को दूध पिलाया है।।

प्रेम से बोलो, जय माता दी।

ओ सारे बोलो, जय माता दी।

वैष्णो रानी, जय माता दी।

अम्बे कल्याणी, जय माता दी।

माँ भोली भाली, जय माता दी।

माँ शेरों वाली, जय माता दी।

झोली भर देती, जय माता दी।

संकट हर लेती, जय माता दी।

ओ जय माता दी, जय माता दी।।

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