नई दिल्ली [अरविंद कुमार द्विवेदी]। कोरोना महामारी के कारण करीब एक साल से बंद स्कूल 10वीं व 12वीं के छात्र-छात्राओं के लिए खोले गए तो स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल था। इतने लंबे समय बाद स्कूल आकर बच्चे भी काफी खुश थे।स्कूल में बच्चों ने बैठने की व्यवस्था से लेकर तमाम तरह के बदलाव देखे। चिराग एन्क्लेव स्थित कौटिल्य राजकीय विद्यालय में पहुंचे शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने बच्चों से पूछा- कैसा रहा कोविड ब्रेक। इस पर बच्चों ने कहा कि इस दौरान उन्होंने स्कूल व दोस्तों को खूब मिस किया। सिसोदिया ने कहा- मास्क लगाए हुए दोस्तों को पहचाना कैसे तो बच्चे बोले वर्षों से साथ हैं, दूर से ही पहचान लिया।

मनीष सिसोदिया ने कहा- बहुत बढ़िया लेकिन अभी दोस्तों को गले नहीं लगाना और लंच भी शेयर मत करना। मनीष सिसोदिया व विधायक सौरभ भारद्वाज ने फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलाजी व एस्ट्रोनामी की लैब में प्रैक्टिकल कर रहे छात्रों से बातचीत की। वहीं, श्रीनिवासपुरी स्थित जीबी पंत राजकीय सर्वोदय बाल विद्यालय के गेट पर शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए स्कूल की ओर से गोले बनाए गए थे ताकि शरीर का तापमान लेते समय भी वे एक-दूसरे से दूर रहें। वहीं, कालकाजी स्थित वीर सावरकर सर्वोदय कन्या विद्यालय में भी हाथ सैनिटाइज कराने व शरीर का तापमान लेने के बाद ही बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिया गया।

पहले दिन 100 बच्चे आए

स्कूल के प्रिंसिपल डा. सीएस वर्मा ने बताया कि यहां 10वीं व 12वीं में कुल 700 बच्चे हैं।शिक्षकों ने सभी के अभिभावकों को फोन कर बच्चों को स्कूल भेजने संबंधी सावधानियां बताई।पहले दिन करीब 100 बच्चे आए। जल्द ही बच्चों की संख्या और बढ़ेगी। बच्चों को एक सीट छोड़कर बैठाया जा रहा है। शारीरिक दूरी का पालन कराने के लिए स्कूल का हाल भी इस्तेमाल किया जा रहा है। स्कूल के गेट पर ही बच्चों का हाथ सैनिटाइज करवाया जा रहा है, उनका बाडी टेंपरेचर लिया जा रहा है। जिन बच्चों के पास मास्क नहीं है उनके लिए मास्क की भी व्यवस्था स्कूल की ओर से की गई है।

शिक्षिका श्रुति शर्मा ने बताया कि आनलाइन क्लास के दौरान बच्चों को थ्योरी की पढ़ाई करवाई गई है। हम लोगों ने बच्चों को आनलाइन पढ़ाने के लिए उनकी सुविधा के अनुसार समय दिया। अब बच्चे स्कूल की लैब में प्रैक्टिकल कर सकेंगे। इससे उनकी परीक्षा की तैयारी और बेहतर तरीके से हो सकेगी। वहीं, टीचर प्रदीप कुमार दहिया ने कहा कि आनलाइन पढ़ाने के दौरान हम लोगों ने बच्चों का पूरा ध्यान रखा। कुछ दिनों बाद बच्चे भी अभ्यस्त हो गए। स्कूल में पढा़ई करके परीक्षा के प्रति बच्चों का आत्मविश्वास अब और बढ़ जाएगा।

छात्रा खुशबू ने कहा कि स्कूल बंद होने के बाद से हम लोग आनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन प्रैक्टिकल नहीं हो पा रहे थे। हमारे पास तैयारी के लिए अभी एक माह है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हम पूरी सावधानी बरत रहे हैं लेकिन पढ़ाई भी जरूरी है। वहीं, प्रतीक्षा ने कहा कि स्कूल बंद होने के बाद पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। इस दौरान हमने अपने दोस्तों को भी काफी मिस किया। आनलाइन पढ़ाई में कभी नेटवर्क तो कभी मोबाइल आदि की समस्या होता थी। अब हम परीक्षा की अच्छी तरह से तैयारी कर सकेंगे।

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