नई दिल्ली [संजीव गुप्ता। दिल्ली-एनसीआर में गुलाबी ठंड के रूप में सर्दी दस्तक दे चुकी है। धीरे-धीरे ठंड में इजाफा भी हो रहा है। 21वीं सदी में ऐसे मौके बेहद कम आए जब नवंबर महीने में ही सर्दी ने जोरदार तरीके से दस्तक दी हो। इस बार सर्दी ने न केवल दिल्ली-एनसीआर में जल्दी दस्तक दी, बल्कि न्यूनतम तापमान में भी तेजी से गिरावट देखी जा रही है। वहीं, मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस बार समय से पहले और अधिक ठंड पड़ने के पीछे प्रमुख वजह बादलों का नहीं होना है। बादल होते हैं तो धरती और सूर्य से निकलने वाला विकिरण वातावरण में फैल नहीं पाता। ऐसे में तापमान बढ़ता है, जबकि बादल नहीं होने पर यह विकिरण फैल जाता है। इस सूरत में तापमान गिरता है। इसके अतिरिक्त इस बार ठंड बढ़ने का एक दूसरा कारण ‘ला लीना’ का प्रभाव भी है। पिछले साल के मुकाबले इस साल यह अपेक्षाकृत कमजोर स्थिति में है। इस स्थिति में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

यहां जानें क्या है 'La Lina' 

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, ‘ला नीना’ एक समुद्री प्रक्रिया है। 'ला नीना' के तहत समुद्र में पानी ठंडा होना शुरू होता है। इसके तहत समुद्री पानी तो पहले से ही ठंडा होता है, लेकिन इसके चलते उसमें ठंड में और अधिक इजाफा होता है, जिससे लगातार ठंड पड़ती है और इजाफा इजाफा होता रहा है। 

शीत लहर के बन रहे आसार

देश-विदेश में मशहूर दिल्ली की सर्दी में इस बार नवंबर ने भी तड़का लगा दिया है। 67 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब नवंबर की शुरुआत में ही दिसंबर सी ठंड महसूस हो रही है। न्यूनतम तापमान पिछले चार दिन से कई डिग्री नीचे चल रहा है। इसी सप्ताह और नीचे गिर कर एकल अंक में आ जाने की संभावना है। अगले कुछ दिनों में शीत लहर चलने के भी आसार बनते जा रहे हैं।

जल्द न्यूनतम 9 डिग्री तक जा सकता है पारा

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक दिल्ली में नवंबर के दौरान आमतौर पर इतनी सर्दी कभी नहीं पड़ती, जितनी इस साल पड़ रही है। इस महीने के पहले पखवाड़े में न्यूनतम तापमान भी 14 से 15 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है, लेकिन इस बार एक नवंबर को ही ये 11.4 डिग्री सेल्सियस था और उसके बाद हर दिन नीचे गिरता जा रहा है। 10 डिग्री तक जा चुका है, सप्ताहांत में नौ डिग्री तक चले जाने की उम्मीद है।

67 साल में पहली बार दिसंबर जैसी रही नवंबर की शुरुआत

मौसम विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो 1953 से लेकर 2019 तक नवंबर की शुरुआत में इतनी ठंड नहीं पड़ी। 14 नवंबर के बाद ही न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे गया है। यही नहीं, नवंबर में शीत लहर भी नहीं चलती। पिछले सात दशक में केवल सात ही बार 1953, 1962, 1966, 1967, 1996, 2013 और 2014 में ही नवंबर में शीत लहर चली, वह भी एक-एक दिन के लिए। 

वर्ष                 अधिकतम           न्यूनतम

2011              31.8                  13.8

2012              30.6                  10.4

2013              31.2                 12.9

2014             30.5                   16.4

2015             33.0                   14.4

2016             30.5                   13.3

2017             29.5                    14.9

2018             29.6                    12.9

2019             28.4                    15.9

2020             31.4                    11.1

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