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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

खौफ के साए में जी रहे खेड़ा कलां गांव के लोग

By JagranEdited By:
Published: Sun, 16 Jul 2017 10:56 PM (IST)

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : नरेला विधानसभा क्षेत्र के खेड़ा कलां गांव में पिछले कुछ वर्षो से घ

खौफ के साए में जी रहे खेड़ा कलां गांव के लोग
खौफ के साए में जी रहे खेड़ा कलां गांव के लोग

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : नरेला विधानसभा क्षेत्र के खेड़ा कलां गांव में पिछले कुछ वर्षो से घरों में दरार आने का सिलसिला आज भी बरकरार है। मौजूदा समय में यह काफी विकराल रूप ले चुका है। हर घर में छोटी-बड़ी दरार की समस्या है। यहां के नब्बे प्रतिशत से ज्यादा पुश्तैनी घरों की यही स्थिति है। इसी समस्या के कारण यहां पर लोगो के दिलों दिमाग में एक डर सा छाया रहता है कि कब और कैसे क्या हो जाये। नेताओं से लेकर अधिकारियों ने एक साल के दौरान यहां कई बार दौरे भी किए। मगर, नगर निगम केवल जर्जर मकानों का निरीक्षण कर इनके मालिकानों को खाली करने का नोटिस थमा दिया, इससे ज्यादा कुछ नहीं किया।

खेड़ा कलां गांव की सबसे ज्यादा यह समस्या गांव के रेडा(चढ़ाई वाली जगह) पर है। इसी जगह पर गांव की 80 प्रतिशत आबादी रहती है। गांव में यह समस्या करीब 20 वर्ष पहले आई थी लेकिन उस समय कुछ महीनों तक ही लोगो को झेलनी पड़ी थी। उसके बाद ये दरार आना अपने आप ही बंद हो गये थे। परंतु, पिछले 2-3 वर्षो में ये दरार इस कदर बढ़ गई है कि लोगों को अपने घरों तक को छोड़कर जाना पड़ रहा है। इस स्थिति के चलते यहां के लोग धीरे-धीरे अपनी पुश्तैनी घरों को छोड़कर अन्य इलाकों में किराये के मकान में रहने को मजबूर हो गए हैं।

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जांच में मिट्टी मिली बेजान

गांव में दरारों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए यहां पर मिट्टी की जांच करवाई गई, जिसमें साफ तौर पर कहा गया की गांव की इस जगह की मिट्टी बेजान है जिस वजह से ये धीरे-धीरे यह इलाका धंसता जा रहा है। मुख्य कारण तो जांच होने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन वहां पर इसके अलावा भी और कई कारण है जिससे दरारें आ रही हैं। गांव में आज से 30 साल पहले की नालियां बनी वो अब जर्जर हो गई हैं। जिसकी वजह से नालियों से पानी का रिसाव हो रहा है और जमीन धंस रही है। यहां पर सप्लाई का पानी पाइपलाइन से आता है जो काफी पुरानी होने के कारण लीक हो रही हैं। इस तरह के रिसाव के कारण भी जमीन धंस रही है।

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घर की मरम्मत के तीन साल के अंदर ही पूरे घर में दरार की स्थिति बनने से यहां रहने में डर लगता है। मगर इसके अलावा हमारा और कोई मकान न होने की वजह से हमें यही रहना पड़ रहा है।

सुदेश।

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हर दिन दरार बड़ी होती जा रही है। जिससे हम लोगों में डर बढ़ता जा रहा है कि किसी पल क्या हो जाये। घर में दरार शुरू होने की वजह से हमने एक महीना रात को बरात घर में भी बिताया था।

कमलेश

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हम जिस तरह से इस माहौल में रह रहे हैं हमें ही पता है कि हम किस डर के साथ जी रहे हैं। हमारा सरकार से सिर्फ इतना ही कहना है कि वह हम गांव वालों को हमारे इस घर के बदले किसी और जगह पर मकान दिलवा दे।

कंवर ¨सह

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सरकार को हमारी ऐसी हालात में संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द कुछ खास कदम उठाते हुए, हम लोगों को यहां से कहीं और शिफ्ट कर देना चाहिए। जिससे कुछ बुरा घटने से पहले ही हम लोगों को बचाया जा सकें।

राजेंद्र ¨सह।