जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री किरन रिजिजू ने सोमवार को जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) स्टेडियम में सीएपीएफ फुटबॉल टूर्नामेट का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में खेल को बढ़ावा देने के साथ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने खास नीति बनाई है। लक्ष्य 2020 में होने वाले ओलंपिक को रखा गया है। नई नीति के अनुसार, नई टीम में विभिन्न खेलों में अनुभव रखने वाले जाने-माने खिलाड़ियों को रखा जाएगा ताकि वे अपने अनुभव से नए खिलाड़ियों का मार्गदर्शन कर सकें। इससे जहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा होगा, वहीं ओलंपिक में पदक की संख्या भी बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था कि पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब। लेकिन वर्तमान में परिस्थितियां बिल्कुल बदल चुकी हैं। खेल के माध्यम से भी देश के साथ खुद का नाम रोशन किया जा सकता है। यही कारण है कि राजनीति में आने से पहले वह खुद भी खिलाड़ी बनना चाहते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से अक्टूबर में आयोजित होने वाले अंडर-17 फुटबॉल विश्व कप से पहले देश भर में सीएपीएफ फुटबाल टूर्नामेट का आयोजन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के 11 मीलियन लोगों को फुटबॉल से जोड़ना है और उनमें खेल के प्रति जागरूकता फैलना है।

इस मौके पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के महानिदेशक ओपी सिंह ने कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए किरन रिजिजू का आभार जताया। वहीं, सीआइएसएफ के प्रवक्ता मंजीत सिंह ने बताया कि मंगलवार को इस टूर्नामेंट का पहला मैच खेला जाएगा, जबकि इसका फाइनल 10 मई को खेला जाएगा।

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