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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संस्कृत को कंप्यूटर की भाषा बनाने की जरूरत

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Published: Wed, 31 Aug 2016 07:36 PM (IST)

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : नांगलोई के सुल्तानुपरी रोड स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में संस्कृत

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जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली : नांगलोई के सुल्तानुपरी रोड स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय में संस्कृत अकादमी की ओर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छह दिवसीय इस आयोजन के आखिरी दिन विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे दिल्ली विधानसभा के सदस्य रघु¨वदर शौकीन ने कहा कि संस्कृत भाषा एवं साहित्य में विश्व का संपूर्ण ज्ञान विज्ञान समाहित है। उन्होंने कहा कि संस्कृत को कंप्यूटर की भाषा बनाने की जरूरत है। जिस दिन ऐसा हो गया, उस दिन संस्कृत भाषा में रोजगार की संभावनाएं प्रबल हो जाएंगी। उन्होंने संस्कृत पर शोध करने की जरूरत पर बल दिया और इस विषय के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया।

इस अवसर पर अकादमी के सचिव डॉ. जीतराम भट्ट ने कहा कि संस्कृत की शिक्षा से ही भारतीय संस्कृति की रक्षा संभव है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया है, जिसमें श्लोक उच्चारण, संस्कृत काव्यांजलि, वाद-विवाद, एकल श्लोक संगीत, संस्कृत भाषण सहित कई प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इस दौरान स्कूल की उपप्रधानाचार्य सीमा शर्मा भी मौजूद रहीं।