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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डोगरी की लेखिका पद्मा सचदेव को सरस्वती सम्मान

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Published: Mon, 29 Aug 2016 10:54 PM (IST)

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : डोगरी भाषा की प्रसिद्ध कवयित्री व साहित्यकार पद्मा सचदेव को वर्ष 200

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जागरण संवाददाता, नई दिल्ली :

डोगरी भाषा की प्रसिद्ध कवयित्री व साहित्यकार पद्मा सचदेव को वर्ष 2007 में प्रकाशित उनकी आत्मकथा चित्त चेते के लिए प्रतिष्ठित सरस्वती सम्मान-2015 से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय संग्रहालय सभागार में यह पुरस्कार उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने प्रदान किया। केके बिड़ला फाउंडेशन द्वारा यह पुरस्कार ¨हदी, संस्कृत सहित सभी भारतीय भाषाओं के साहित्यकार को आंतरिक चयन के बाद दिया जाता है। उपराज्यपाल ने सम्मान में पद्मा सचदेव को सरस्वती सम्मान के प्रतीक चिन्ह के साथ 15 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। बताते चले कि जम्मू में जन्मी पद्मा सचदेव की 35 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी है। कई राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके है। 25 वें सरस्वती सम्मान से सम्मानित डोगरी भाषा में लिखी कृति चित्त चेते में उन्हेांने अपने गृह प्रदेश के जनजीवन, उनकी आकांक्षाओं, उनकी पीड़ाओं का जिक्र किया है। सम्मान समारोह में देश के भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश आदर्श सेन आनंद केके बिड़ला फाउंडेशन के निदेशक डा सुरेश ऋतुपर्ण, फाउंडेशन अध्यक्षा के प्रतिनिधि प्रियव्रत भरतिया समेत कई जाने माने साहित्यकार समेत समाजसेवी मौजूद रहे।