नई दिल्ली । पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर एक सीपीआई कार्यकर्ता को पीटने के आरोपों से घिरे भाजपा विधायक ओपी शर्मा की विधानसभा सदस्या खतरे में पड़ सकती है। दिल्ली विधानसभा आचार संहिता समिति ने चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा के खिलाफ विवादित कमेंट करने के मामले में विधायक ओपी शर्मा को दोषी माना है। समिति ने शर्मा के विधानसभा से निष्कासन की सिफारिश की है।

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गत वर्ष विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान आप विधायक अलका लांबा जब नशे का व्यापार करने वाले (स्मैकिए) पर बयान दे रही थी, उसी दौरान भाजपा विधायक ने उन्हें रात भर घूमने वाली महिला कहकर संबोधित किया था।

उनके संबोधन के बाद आप की सभी छह महिला विधायक के अलावा आप विधायकों ने उनका विरोध किया था। बढ़ते विरोध के बाद विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने पूरे सत्र के लिए ओपी शर्मा को निलंबित कर दिया था।

साथ ही मामले की जांच आचार संहिता (एथिक) कमेटी को सौंप दी। समिति के चेयरमैन नारायण दत्त शर्मा की अध्यक्षता में दस सदस्यीय एथिक कमेटी ने जांच के बाद ओपी शर्मा की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है।

वहीं अपना बचाव करते हुए ओपी शर्मा ने कहा है कि यह पूरी तरह से असंवैधानिक है। कमेटी की रिपोर्ट विधानसभा के पटल पर रखी जाती है। उन्होंने कहा कि इस दस सदस्य समिति में एक भी सदस्य भाजपा ने नहीं है।

वहीं, समिति से संबंधित एक विधायक ने बताया कि ओपी शर्मा का व्यवहार हमेशा खराब रहा है। महिलाओं के प्रति उनके व्यवहार को देखते हुए समिति ने यह फैसला लेने का निर्णय लिया। यदि इस फैसले पर अमल होता है तो आने वाले दिनों में अन्य विधायकों पर कठोर संदेश जाएगा और भविष्य में महिलाओं पर होनी वाली टिप्पणी में रोक लगेगी। बता दें कि इससे पहले भी आचार संहिता समिति माइक तोडऩे की घटना पर भाजपा विधायक ओपी शर्मा पर जुर्माना लगाया था।

By Ramesh Mishra