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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईसी की बैठक में होगा सीबीसीएस का विरोध

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Published: Wed, 27 May 2015 08:21 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस)

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली : दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को लेकर बृहस्पतिवार को होने वाले वाली कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में हंगामे के आसार हैं। कार्यकारी परिषद के सदस्य पूरी तरह से सीबीसीएस के खिलाफ हैं और कई दिनों से इसके खिलाफ कैंपेन चला रहे हैं। 11 बजे से शुरू होने वाली ईसी की बैठक से पहले ही विभिन्न छात्र संगठन कुलपति कार्यालय के बाहर गेट संख्या एक के पास प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा समर्थित शिक्षक संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक्स टीचर्स फ्रंट (एनडीटीएफ) ने भी सीबीसीएस के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है और इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन को पत्र भी लिखा है। एनडीटीएफ के सदस्य हेमचंद जैन ने बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल ने यूजीसी चेयरमैन से मुलाकात कर सीबीसीएस को लेकर अपना पक्ष रखा है। उनको स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि डीयू अभी सीबीसीएस को लागू करने के लिए तैयार नहीं है। सीबीसीएस का भी वही हाल होगा जो चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम का हुआ था। ऐसे में बेहतर है कि इसे वापस ले लिया जाए। हालांकि, इस संबंध में यूजीसी चेयरमैन ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया है। कार्यकारी समिति की सदस्य आभा देव हबीब ने कहा कि देश की उच्चशिक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब डीयू कुलपति ने यूजीसी के समक्ष समर्पण कर दिया है तो बाकी विश्वविद्यालय क्या करेंगे। लेकिन हम ईसी की बैठक में चुप रहने वाले नहीं हैं। डीयू में हुई विद्वत परिषद (एसी) की बैठक में इस पर चर्चा न करके इसे रिपोर्टिग आइटम में रखा गया था। इस बार ईसी की बैठक में ऐसा करने की संभावना है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सीबीसीएस जैसा महत्वपूर्ण विषय केवल रिपोर्टिग आइटम है। एनडीटीएफ के अध्यक्ष और ईसी के सदस्य डॉ. अजय कुमार भागी का कहना है कि बैठक में हम इस मुद्दे पर विरोध जताएंगे और अन्य सदस्यों से भी विरोध करने के लिए कहेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भी इसकी रिपोर्ट भेजने के लिए कहेंगे। उन्होंने कहा कि पहले वर्ष में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम, उसके बाद सेमेस्टर सिस्टम और अब तीसरे वर्ष में सीबीसीएस लागू होने से छात्र भ्रमित होगा। यही बातें हमने यूजीसी चेयरमैन के समक्ष भी रखी है।