जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म मामले में दोषी मुकेश कुमार से तिहाड़ के अंदर साक्षात्कार पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने तिहाड़ के महानिदेशक आलोक कुमार वर्मा से पूछा कि जेल के अंदर साक्षात्कार कैसे लिया गया? इस पर उन्हें बताया गया कि जिस समय विमला मेहरा तिहाड़ की महानिदेशक थीं, साक्षात्कार उसी समय लिया गया। राजनाथ सिंह ने घटना की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मागी है। गृहमंत्री के कड़े तेवर के बाद दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी का कहना है कि ऐसा कर कानून का उल्लंघन किया गया है। वहीं, वर्तमान में विशेष आयुक्त (एडमिन) विमला मेहरा ने कोई भी टिप्पणी करने से इन्कार किया है।

विदेशी फिल्मकार द्वारा लिए गए साक्षात्कार में मुकेश कुमार ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना के लिए पीड़िता को जिम्मेदार बताया है। गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 की रात वसंत विहार इलाके में चलती बस में फिजियोथेरेपिस्ट युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी। मुकेश को अदालत मृत्युदंड की सजा सुना चुकी है।

तुरंत फांसी पर चढ़ाने की मांग

दोषी के साक्षात्कार पर पीड़िता युवती के माता-पिता ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। उन्होंने मुकेश के बयान को बकवास बताते हुए कहा कि वह अपराधी है और उसका बयान कोई मायने नहीं रखता। ऐसे अपराधी को तुरंत फासी पर चढ़ा दिया जाए।

वर्ष 2013 में लिया गया था साक्षात्कार

अक्टूबर 2013 में ब्रिटिश फिल्मकार लेस्ली उडविन ने गृह मंत्रालय से तिहाड़ में बंद वसंत विहार सामूहिक दुष्कर्म केस के आरोपियों का साक्षात्कार लेने के लिए अनुमति मांगी थी। मंत्रालय ने उनका पत्र तिहाड़ की महानिदेशक विमला मेहरा के पास भेज दिया था। इसके बाद उन्हें साक्षात्कार की अनुमति दे दी गई। साक्षात्कार के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन को कैसेट दिखाने को कहा गया। लेस्ली ने बताया कि साक्षात्कार 16 घंटे का है। इस पर इतना लंबा साक्षात्कार देखने से मना कर दिया गया। लेस्ली कैसेट लेकर अपने देश लौट गई। बताया जाता है कि लेस्ली ने पत्रकार दिबांग को कैसेट दिया था। इसके माध्यम से दिबांग ने डाक्यूमेंट्री तैयार की और कुछ लोगों को बेचा भी गया।

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