नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल व राजस्थान पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए इंडियन मुजाहिदीन के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनके निशाने पर मुख्य रूप से भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी थे। आतंकियों ने वाराणसी में उनके नामांकन के दौरान हमले की व्यूहरचना की थी, इसके लिए वाराणसी के जिलाधिकारी कार्यालय की रेकी भी की गई थी। मोदी के अलावा आइएम के निशाने पर कांग्रेस व भाजपा के कई अन्य दिग्गज नेता भी थे। गिरफ्तार आतंकियों में आइएम सरगना यासीन भटकल के सहयोगी वकास सहित तीन अन्य शामिल हैं। इनमें से दो आतंकी इंजीनियरिंग के छात्र हैं। दिल्ली के जामिया नगर इलाके से भी कुछ इंजीनियरिंग छात्रों को हिरासत में लिया गया है।

दिल्ली के विशेष पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि गत 22 मार्च की सुबह पाकिस्तानी नागरिक जियाउर रहमान उर्फ वकास को अजमेर स्टेशन से दबोचा गया। वह साथियों से मिलने मुंबई से ट्रेन द्वारा यहां पहुंचा था। आइएम सरगना यासीन भटकल के साथी वकास ने खुलासा किया कि राजस्थान में आतंकी संगठन का नया मॉड्यूल बना है। वह लोकसभा चुनाव में आतंकी हमलों की साजिश और इसके लिए तैयार विस्फोटकों का जायजा लेने यहां आया था। वकास की निशानदेही पर रविवार तड़के जयपुर से महरूफ एवं वकार को जबकि साकिब को जोधपुर से पकड़ा गया।

आतंकियों ने राजस्थान मॉड्यूल की मदद से जनसभाओं के दौरान धमाकों की सभी तैयारियां पूरी कर ली थी। उनकी योजना वाराणसी अथवा दिल्ली में मोदी की सभा में विस्फोट करने की थी। इसके अलावा जयपुर और अजमेर दरगाह क्षेत्र में भी विस्फोट की फिराक में थे। आतंकियों के पास से 25 किलो विस्फोटक, 400 डेटोनेटर, 10 घड़ियां, साढ़े पांच सौ ग्राम बॉल बियरिंग, दो तैयार सर्किट, सौ ग्राम छोटी कील, 10 सर्किट प्लेट, बैट्री, मैग्नीशियम सल्फेट, सोडियम क्लोराइड, ट्रांजिट सर्किट साहित दो लैपटॉप, पेन ड्राइव व जेहादी दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

स्पेशल सेल उपायुक्त संजीव यादव के अनुसार, वर्ष 2010 में नेपाल के रास्ते भारत आए वकास की दिल्ली, उत्तार प्रदेश, मुंबई व हैदराबाद बम धमाकों में तलाश थी। पाकिस्तान में आतंकी गुट लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद के शिविरों में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके वकास को बम बनाने में महारथ हासिल है। उस पर दस लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। वकास पटना में नरेंद्र मोदी की रैली में विस्फोट और बोधगया धमाकों के मास्टरमाइंड तहसीन अख्तर उर्फ मोनू के साथ बड़ी आतंकी वारदात की तैयारी में था। तहसीन अभी फरार है।