जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : उच्च न्यायालय ने सूचना के अधिकार (आरटीआइ) अधिनियम के प्रावधानों को ठीक से लागू नहीं किए जाने पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, सीआइसी, एमसीडी, पुलिस आयुक्त, शिक्षा निदेशक व अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मागा है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी मुरुगेसन व न्यायमूर्ति जयंतनाथ ने अगली सुनवाई 31 जुलाई की तारीख तय की है।

पेश मामले में अनिल दत्त शर्मा ने अपने अधिवक्ता केके सबरवाल द्वारा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि विभिन्न विभागों से जब भी आरटीआइ के तहत जानकारी मागी जाती है तो पूरी जानकारी मुहैया नहीं कराई जाती। यहीं नहीं विभाग कुछ न कुछ बहाना करके सूचना देने से इन्कार भी कर देते हैं। वहीं, कुछ सूचनाओं के बारे में लिख दिया जाता है कि इनको नियम में छूट प्राप्त है या फिर सूचना उस रूप में उपलब्ध नहीं है, जिस रूप में मागी गई है। इतना ही नहीं सीआइसी व अपीलेट अथॉरिटी (अपीलीय प्राधिकरण) के आदेश भी आरटीआइ एक्ट के अनुरूप नहीं दिए जा रहे है। ये आदेश अक्सर मैकेनिकल तरीके से दे दिए जाते हैं, इसलिए संबंधित पक्षकारों को निर्देश दिया जाए कि आरटीआइ एक्ट के प्रावधान ठीक ढंग से लागू किए जाए।

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